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Wednesday, 27 February 2013 17:58 |
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नयी दिल्ली (भाषा)। सरकार ने वैश्विक आर्थिक मंदी की वजह से वर्ष 2012 को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए अत्यंत बुरा वर्ष बताते हुए कहा कि देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश :एफडीआई: बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
राज्यसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि सिर्फ विनिर्माण क्षेत्र के लिए एफडीआई नीति लाने की सरकार की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कंवरदीप सिंह के एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा ‘वैश्विक आर्थिक मंदी की वजह से वर्ष 2012 भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए अत्यंत बुरा वर्ष रहा। देश में एफडीआई को बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।’ शर्मा ने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र पर मंदी का असर हुआ है
और पिछले दशक से सकल घरेलू उत्पाद में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी 15 से 16 फीसदी ही रही है। उन्होंने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र के विकास के लिए ग्रामीण रोजगार सहित रोजगारों को बढ़ावा देने जैसे कई कदम उठाए जा रहे हैं। शर्मा ने कहा ‘यह कहना सही नहीं होगा कि 11 फीसदी रोजगार देने वाले विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि नहीं हो रही है। इसमें वृद्धि इसलिए हो रही है क्योंकि जीडीपी में वृद्धि हो रही है। लेकिन वैश्विक मंदी का इस पर असर पड़ा है। जीडीपी में विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी एक दशक में बढ़ा कर 25 फीसदी करने और करीब 10 करोड़ रोजगार के सृजन के लिए वर्ष 2011 में सरकार ने राष्ट्रीय विनिर्माण नीति की घोषणा की।’
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Last Updated on Wednesday, 27 February 2013 18:07 |