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Wednesday, 27 February 2013 17:37 |
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नयी दिल्ली (भाषा)। इस बात पर बल देते हुए कि रक्षा सौदों में बिचौलिए भ्रष्टाचार के लिए ज्यादा गुजाइंश प्रदान करते हैं, भारत के सबसे बड़े रक्षा साझीदारों में एक रूस ने कहा है कि जब सैन्य अनुबंध पर बातचीत हो या और उन पर हस्ताक्षर हों, तो ऐसे लोगों की कोई भी भूमिका नहीं होनी चाहिए।
रूस का बयान ऐसे समय में आया है जब इतालवी कंपनी फिनमेकैनिका के साथ 3600 करोड़ रूपए के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में रिश्वत दिए जाने और बिचौलियों की कथित भूमिका
को लेकर विवाद चल रहा है। रूस की संसद के उपरी सदन फेडरेशन काउंसिल की अध्यक्ष वेलेटिना मातविनको ने यहां कहा, ‘‘ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों, जो तकनीकी और सैन्य सहयोग के क्षेत्र हैं, में कोई मध्यस्थ नहीं होना चाहिए क्योंकि कोई भी मध्यस्थ भ्रष्टाचार के लिए ज्यादा गुंजाइश प्रदान करता है।’’ वह बिचौलियों की भूमिका और इटली में तीन बार प्रधानमंत्री रहे सिल्वियो बर्लुस्कोनी के इस बयान पर कि रिश्वत वैश्विक स्तर पर कारोबार के लिए आवश्यक अंग हैं, के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थीं।
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Last Updated on Wednesday, 27 February 2013 18:30 |