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Wednesday, 27 February 2013 14:44 |
नयी दिल्ली। भाजपा ने वीवीआईपी हेलिकाप्टर सौदे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय सिति गठित करने के सरकार के प्रस्ताव को आज एक प्रकार से नामंजूर कर दिया और कहा कि यह कदम जांच को विफल करने वाला है क्योंकि मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल अगले वर्ष समाप्त हो जाएगा।
वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी 3600 करोड़ रूपये के अगस्तावेस्टलैंड हेलिकाप्टर सौदे की गंभीर और पूर्ण जांच चाहती है और साथ ही चाहती है कि इस जांच की निगरानी अदालत द्वारा की जाए। भाजपा की मांग पर आज राज्यसभा में इस मुद्दे पर चर्चा करवायी जानी चाहिए। मुद्दे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति गठित करने के सरकार के प्रस्ताव पर पार्टी के रूख के बारे में पूछे जाने पर सिन्हा ने कहा, ‘‘ मैं नहीं समझता कि इस समय जेपीसी सही है क्योंकि लोकसभा का कार्यकाल साल भर में खत्म हो जाएगा और जैसा कि हम जानते हैं कि जेपीसी अधिक समय
लेगी। इसलिए यह जांच को विफल करने का प्रयास है। ’’ भाजपा इस बात पर जोर दे रही है कि मुद्दे की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में एक समयबद्ध सीबीआई जांच की जरूरत है। पार्टी ने यह भी मांग की है कि सौदे में कथित रिश्वत हासिल करने वालों के नाम सार्वजनिक किए जाएं। भाजपा संसदीय दल की आज सुबह हुई बैठक में मुख्य विपक्षी दल ने बजट सत्र के दौरान सेतुसमु्रदम परियोजना तथा असम में आदिवासियों के खिलाफ हिंसा का मुद्दा उठाने का भी फैसला किया। लोकसभा में भाजपा के उपनेता गोपीनाथ मुंडे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ हम राम सेतु और असम में आदिवासियों के खिलाफ हिंसा का मुद्दा संसद के दोनों सदनों में उठाएंगे। भाजपा राम सेतु : एडम्स ब्रिज : के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहंी करेगी। यदि जरूरत हुई तो हम इस पर आंदोलन करेंगे।’’ भाजपा की मांग है कि सरकार को सेतुसमु्रदम परियोजना छोड़ देनी चाहिए क्योंकि इससे राम सेतु को काटना पड़ेगा। (भाषा)
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