नयी दिल्ली । रेलवे की माली हालत में सुधार के प्रयासों को आगे बढाते हुए आज पेश रेल बजट में माल भाडे में चौतरफा 5.8 प्रतिशत की वृद्धि की गयी।
रेलवे की माली हालत में सुधार के प्रयासों को आगे बढाते हुए आज पेश रेल बजट में माल भाडे में चौतरफा 5.8 प्रतिशत की वृद्धि की गयी जिससे देश के परिवहन क्षेत्र के इस सबसे बड़े उपक्रम को सालाना 4,200 करोड़ रुपए की वृद्धि का अनुमान है। बजट में यात्री किरायों की मूल दरों में बदलाव नहीं किया गया है पर यात्री टिकटों पर अधिभार और शुल्कों में वृद्धि कर 483 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कमाई का बंदोबस्त किया गया है। रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने 17 साल में पहले कांग्रेसी रेल मंत्री के रूप में 2013-14 का बजट पेश करते हुए कहा कि रेल किरायों में अभी पिछले माह ही वृद्धि की गयी है इस लिए वह अभी इसको नहीं बढाना चाहते। यात्री किरायों में अभी गत 22 जनवरी को वृद्धि की गयी जिससे रेलवे को सालाना 6,600 करोड़ रुपए की आमदनी होने का अनुमान है। बंसल ने भारतीय रेल के किराए भाड़े पर ईंधन खर्च में कमी और वृद्धि के प्रभाव को समायोजित करने की उस डायनैमिक :गतिशील: नीति को अपनाने की घोषणा की जिसका तृणमूल कांग्रेस के नेता और तत्कालीन रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने पिछले साल के बजट में प्रस्ताव किया था। इससे माल भाड़े में 5.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। नयी नीति पहली अप्रैल से लागू होगी। इसके तहत ईंधन और बिजली खर्च में घट बढ के आधार पर किराये भाड़े की साल में छह छह महीने पर दो बार समीक्षा की जाएगी। माल भाड़ोें में वृद्धि से अनाज और दालें, कोयला, लौह अयस्क और स्टील, यूरिया, डीजल, मिट्टी का तेल तथा एलपीजी जैसी वस्तुओं की ढुलाई प्रभावित होगी। राजनीतिक दलों को आशंका है कि इससे आम आदमी पर महंगाई का दबाव बढेगा। रेल मंत्री बंसल ने कहा, ‘‘डीजल की कीमतों को नियंत्रण मुक्त करने के फैसले को देखते हुए रेलवे की वित्तीय स्थिति को उसके प्रभाव से उचित ढंग से बचाने की जरूरत है। इसके लिए एक ऐसी व्यवस्था की जरूरत है जिसके जरिए रेलवे के परिचालन खर्चों पर ईंधन की कीमतों के असर का समायोजन किया जा सके।’’ रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि रेलवे के कुल परिचालन खर्च में डीजल खर्च औसतन साढे दस प्रतिशत है। यात्री टिकटों पर आरक्षण शुल्क और अनुपूरक प्रभार में वृद्धि से सुपर फास्ट गाडियों के टिकट पांच से 50 रूपए तक मंहगे हो गए हैं। तत्काल प्रभारों में भी 15 रुपए से 100 रुपए तक वृद्धि की गयी है। इसी तरह आरक्षित, प्रतीक्षारत और आरएसी टिकटों को रद्द कराने पर लिपिक प्रभार और न्यूनतम रद्दकरण प्रभार पांच से 50 रुपए तक अधिक हो गया है। रेल मंत्री ने संवर्धित आरक्षण शुल्क वापस लेने का प्रस्ताव किया है। ये बदलाव पहली अप्रैल से लागू होंगे। बंसल ने बजट के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्हें भाड़े और यात्री प्रभारों में वृद्धि करने से कोई अफसोस नहीं है। बजट में यात्री सुरक्षा, सुविधा, सफाई और पर्यावरण संरक्षण तथा उर्च्च्जा की बचत के उपायों पर विशेष बल दिया गया है। बंसल ने विपक्ष के शोर शराबे के बीच नए वित्त वर्ष के दौरान 67 नयी एक्सपे्रस और 26 पैसेजर गाड़ियों को चलाने की घोषणा की। बजट में सात नयी लाइनों के निर्माण, 10 लाइनों के दोहरीकरण तथा महानगरीय रेल सेवाओं में सुधार के उदयेश्य से मुंंबई में एसी ईएमयू :लोकल: गाड़ियां चलाने, मुंबई में 72 तथा कोलकाता में 18 अतिरिक्त सेवाएं शुरू करने की षोघणा की। इस बार बजट में कुछ चुनिंदा गाड़ियों में ‘अनुभूति’ नाम से विशेष सुविधावाले एक एक डिब्बे लगाए जाएंगे। रेलवे बोर्ड के अनुसार इनकी आंतरिक साज सज्जा और सुविधाओं का वेहतर प्रबंध होगा। बंसल ने कहा कि रेलवे किराया भाड़ा विनियामक प्राधिकारण का प्रस्ताव तैयार है और
इस पर अन्य मंत्रालयों के साथ चर्चा चल रही है। रेल बजट में राजीव गांधी खेल रत्न और ध्यानचंद पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों को प्रथम और द्वितीय एसी श्रेणी का मुृफ्त यात्रा पास दिया जाएगा। ओलंपिक पदक विजेताओं और ्रदोणाचार्य सम्मान वाले खिलाड़ियों को राजधानी और शताब्दी गाड़ियों के यात्रा पास दिया जाएंगे। यात्री सुविधाओं में विस्तार के तहत बजट में कई गाड़ियों में वाई फाई कनेक्शन की सुविधा देने, बायो-टॉयलेट का अन्य गाड़ियों में प्रसार तथा ई टिकटिंग की नयी ‘नेक्स जेन’ प्रणाली शुरू करने की घोषणा की गयी। इस प्रणाली से प्रति मिनट 7,200 ई-टिकट आनलाइन जारी किए जा एकेंगे जबकि मौजूदा प्रणाली की क्षमता 2,000 टिकट प्रति निनट की है। नयी प्रणाली को एक साथ 1.2 लाख ग्राहक एक्सेस कर सकते हैं जबकि मौजूदा प्रणाली में यह सीमा 40,000 तक है। अर्थव्यवस्था में नरमी का रेलवे के कारोबार पर असर पड़ा है। 2012-13 में माल ढुलाई के लक्ष्य को संशोधित कर 100.7 करोड़ टन कर दिया है जबकि बजट अनुमान 102.5 करोड़ टन था। इसी तरह किराए भाड़े से प्राप्ति 1,25,680 करोड़ रुपए रहने का संशोधित अनुमान है जो बजट अनुमान से 6,872 करोड़ रुपए कम है। चालू वित्त वर्ष के दौरान रेलवे ने सामान्य खर्चों को बजट में अनुमानित 84,400 करोड़ रुपए के दायरे में सीमित रखा है। पेंशन कोष को 1500 करोड़ रुपए बढा कर 20,000 करोड़ रुपए कर दिया गया। सरकार को लाभांश देनदारी का भुगतान कर दिया गया है। बजट में 10,409 करोड़ रुपये का आधिक्य रहा है जबकि बजट में यह राशि 15,557 करोड़ रुपये थी। चालू वित्त वर्ष के दौरान 3,000 करोड़ रुपये रिण लिया गया जिसका भुगतान ब्याज सहित कर दिया गया है। रेलवे का परिचालन अनुपात 88.8 प्रतिशत रिकार्ड किया गया जबकि 2011-12 में यह 94.9 प्रतिशत था। वित्त वर्ष 2012-14 के लिये 104.7 करोड़ टन माल ढुलाई लक्ष्य लक्ष्य रखा है जो चालू वर्ष के मुकाबले 4 करोड़ टन अधिक है। यात्रियों की संख्या में 5.2 प्रतिशत वृद्धि तथा सकल यातायात प्राप्ति 1,43,742 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो चालू वर्ष के संशोधित अनुमान से 18,062 करोड़ रुपये अधिक है। सामान्य परिचालन व्यय 96,500 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। मूल्य हÑास के लिये आरक्षित कोष में विनियोग 7,500 करोड़ रुपये का प्रावधा रखा गया है औंर पेंशन कोष के लिये 22,000 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। परिचालन अनुपात एक प्रतिशत सुधरकर 87.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इससे वर्ष 2013-14 के अंत में कुल 12,506 करोड़ रुपये की बचत होगी। आगामी वित्त वर्ष के लिये रेलवे की वार्षिक योजना 63,363 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इसके लिये सकल बजट सहायता 26,000 करोड़ रुपये दी जाएगी। रेलवे सुरक्षा कोष के लिये आवंटन 2,000 करोड़ रुपये किया गया है। 14,260 करोड़ रुपये रेलवे आतंरिक ससांधनों से जुटाएगी। इसके अलावा 15,103 करोड़ रुपये बाजार से उधार लेकर जबकि 6,000 करोड़ रुपये सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से जुटाये जाएंगे। राजकोषीय अनुशासन के तहत रेल मंत्री ने कहा कि संसद के मानसून या शीतकालीन सत्र में अनुदान के लिये पूरक मांग नहीं रखी जाएगी। जापान की अंतर्राष्ट्रीय सहायता एजेंसी ‘जिका’ और विश्व बैंक जैसी एजेंसियों के दीर्घकालिक रिणों की किश्तों को चुकाने के लिए एक विशेष ‘रिण निपटान कोष’ बनाने का प्रस्ताव है। बजट में 12वीं योजना के आखिरी साल में परिचालन से रेलवे को सालाना 30,000 करोड़ रुपये की बचत का लक्ष्य है। (भाषा)
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