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Tuesday, 26 February 2013 20:27 |
नयी दिल्ली (भाषा)। विवादास्पद राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी केंद्र :एनसीटीसी: के मुद्दे पर राज्यों को राजी करने के प्रयास के तहत केंद्र ने अपने रुख में नरमी लाते हुए प्रस्ताव दिया है कि कोई भी आतंकवाद निरोधी अभियान चलाने से पहले राज्य के पुलिस प्रमुख को सूचित किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि एनसीटीसी खुफिया ब्यूरो के दायरे से बाहर होगा और एक स्वतंत्र निकाय होगा जो सीधा गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करेगा। एक उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि गृह मंत्रालय ने एनसीटीसी पर एक नोट तैयार किया है जिसमें दो महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति के समक्ष इसे अगली बैठक में रखा जाएगा। केंद्र के रुख में नरमी इसलिए आई है क्योंकि गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने पिछले प्रस्ताव का विरोध किया था। उसमें केंद्रीय अधिकारियों को देश में कहीं भी संबद्ध राज्य को सूचित किए बिना अभियान चलाने की अनुमति दी गई थी। केंद्र के संशोधित प्रस्ताव के तहत कोई भी अभियान चलाने से पहले संबद्ध राज्य को सूचित करना होगा। पिछले प्रस्ताव के अनुसार बहु एजेंसी केंद्र और आईबी की अभियान शाखा को अपने दम पर आतंकवाद निरोधक अभियान चलाने और हिरासत में लिए गए किसी भी संदिग्ध के बारे में यथाशीघ्र नजदीकी थाने को सूचित करने या सौंपने की
जिम्मेदारी देने की बात थी और आतंकवाद निरोधी केंद्र के खुफिया ब्यूरो के तहत काम करने का प्रस्ताव था। एनसीटीसी के इन दो मुद्दों का ममता बनर्जी :प. बंगाल, नरेंद्र मोदी :गुजरात:, जे जयललिता :तमिलनाउु: और नवीन पटनायक :ओडिशा: ने यह कहते हुए जोरदार विरोध किया था कि यह राज्यों की शक्तियों में हस्तक्षेप होगा और देश के संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाएगा। सीसीएस की मंजूरी के बाद गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे उन सभी मुख्यमंत्रियों से वार्ता करेंगे जो मौजूदा स्वरूप में एनसीटीसी का विरोध कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि हैदराबाद में हुए दोहरे विस्फोटों ने केंद्र के लिए एनसीटीसी स्थापित करने के संबंध में राज्यों के साथ फिर से बातचीत करने की स्थिति पैदा कर दी है। एनसीटीसी पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम की महत्वाकांक्षी परियोजना थी। गृह मंत्री मुख्यमंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठकें कर सकते हैं ताकि उनकी शंकाओं को दूर किया जा सके और आतंकवाद रोधी केंद्र के लिए संशोधित योजना के बारे में उन्हें जानकारी दी जा सके। चिदंबरम द्वारा एनसीटीसी के मुद्दे पर बुलाई गई मुख्यमंत्रियों की पिछली बैठक में आम सहमति नहीं बन सकी थी। ऐसा समझा जाता है कि रविवार को अपनी पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान शिंदे ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की थी। ममता एनसीटीसी की मुखर विरोधियों में से एक हैं।
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