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Tuesday, 26 February 2013 14:14 |
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नयी दिल्ली । लोकसभा में आज विभिन्न दलों के नेताओं मुस्लिम समुदाय के साथ इंसाफ किए जाने की मांग की।
लोकसभा में आज विभिन्न दलों के नेताओं ने कथित रूप से आतंकवाद के नाम पर मुस्लिमों को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया और समुदाय के साथ इंसाफ किए जाने की मांग की। लोकसभा में माकपा सदस्य बासुदेव आचार्य ने आतंकवाद संबंधी मामलों में अदालतों द्वारा दोषमुक्त करार दिए जाने का मुद्दा उठाया और सरकार से जानना चाहा कि मुस्लिम युवकों को झूठे मामलों में गिरफ्तार किए जाने के चलन पर रोक लगाने के मकसद से क्या कदम उठाए जा रहे हैं। बासुदेव आचार्य, सपा नेता मुलायम सिंह यादव , तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय तथा नेशनल कांफ्रेंस के शरीफुद्दीन शरीक ने इस संबंध में गृह राज्य मंत्री आर पी एन सिंह से सवाल किए। इन सदस्यों द्वारा इस विषय पर चर्चा कराए जाने की मांग करने पर अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि अगर सदस्य नोटिस देंगे
तब इस विषय पर चर्चा करायी जा सकती है। इससे पूर्व नेशनल कांफ्रेंस के शरीफुद्दीन शरीक ने एक हालिया अदालती फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि 12 साल बाद उन्हें अदालत ने दोषमुक्त करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकवाद के नाम पर मुसलमानों को जेलों में ठूंसा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारों को आज तक फांसी नहीं दी जाती है लेकिन अजमल कसाब को फांसी पर चढ़ा दिया जाता है क्योंकि वह मुसलमान है। शरीक ने कहा कि सबके साथ इंसाफ किया जाना चाहिए। राजद नेता लालू प्रसाद ने भी इस पर कड़ा विरोध जताया और कहा कि बिहार के मधुबनी और दरभंगा जिलों में भी मुसलमान युवकों को जेलों में बंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बाज , पक्षी को पंजे में दबाकर ले जाता है , उसी प्रकार पुलिस मुसलिम युवकों को उठा लेती है। (भाषा)
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Last Updated on Tuesday, 26 February 2013 14:42 |