नई दिल्ली। रेल बजट में यात्री किराया और नहीं बढाया गया है लेकिन टिकट पर अन्य शुल्क अवश्य लगा दिये गये हैं। माल भाडे में भी पांच प्रतिशत से कुछ कम की बढोतरी की गयी है।
बतौर रेल मंत्री अपना पहला रेल बजट पेश करते हुए पवन कुमार बंसल ने लोकसभा में कहा कि वह डीजल कीमतों को नियंत्रण मुक्त किये जाने के फैसले का असर फिलहाल यात्रियों पर नहीं होने देना चाहते । इससे रेलवे पर 850 करोड रूपये का बोझ पडेगा । याद रहे पिछले महीने ही बंसल किराया बढोतरी कर चुके हैं । बंसल 17 साल में कांग्रेस के पहले मंत्री हैं, जिसने रेल बजट पेश किया है । उन्होंने करीब 75 मिनट बजट भाषण किया और कुछ मौकों पर अपनी बात कविता के माध्यम से रखी । टिकट पर कुछ शुल्क मामूली बढाये गये हैं, उनमें सुपरफास्ट गाडियों पर शुल्क, आरक्षण शुल्क, क्लर्क शुल्क, टिकट रद्द कराने का शुल्क और तत्काल शुल्क शामिल हैं । हालांकि बंसल ने यह नहीं बताया कि ये शुल्क कितने बढेंगे । जनवरी में बंसल ने किराया बढोतरी की थी, जिससे रेलवे को 6600 करोड रूपये की वार्षिक आय होगी । डीजल और बिजली की कीमतों में बढोतरी से हालांकि रेलवे पर 3300 करोड रूपये का अतिरिक्त बोझ पडेगा और चालू वित्त वर्ष में उसे 24600 करोड रूपये का नुकसान होने का अनुमान है । 2011-12 में यह घाटा 22500 करोड रूपये था । बंसल ने कहा कि रेलवे शुल्क नियामक प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव तैयार हो गया है और अब इस बारे में अंतर मंत्रालयी सलाह मशविरा चल रहा है । बजट में 67 नयी एक्सप्रेस ट्रेनें, 26 नयी पैसेंजर ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव किया गया है जबकि 57 ट्रेनों का विस्तार किया गया है ।
राजीव गांधी खेल रत्न और ध्यानचंद पुरस्कार पाने वालों को प्रथम श्रेणी और द्वितीय एसी श्रेणी में रियायत मिली है। ओलंपिक पदक पाने वालों को राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में रियायत है । बंसल ने कई ट्रेनों में वाई फाई सुविधा देने का प्रस्ताव किया । बायो शौचालय कई अन्य ट्रेनों में लगाये जाएंगे। अत्याधुनिक ई-टिकट प्रणाली भी शुरू की जाएगी, जिसमें हर मिनट 7200 टिकट जारी हो सकेंगे जो फिलहाल 2000 टिकट प्रति मिनट है। प्रस्तावित प्रणाली में 1.2 लाख लोग एक साथ टिकट एक्सेस कर सकेंगे। फिलहाल यह आंकडा 40 हजार है । मुंबई में 72 और कोलकाता में 18 अतिरिक्त उपनगरीय सेवाओं की शुरूआत की जाएगी। मुंबई उपनगरीय सेवा में पहली वातानुकूलित ईएमयू रेक शुरू करने की योजना है। बजट में 500 किलोमीटर नयी लाइनों का प्रस्ताव किया गया है। 750 किलोमीटर लाइनों के दोहरीकरण और 450 किलोमीटर अमान परिवर्तन का ऐलान किया गया है। बंसल ने घोषणा की कि अरूणाचल प्रदेश को अगले साल पहला रेल संपर्क हासिल होगा। बजट में 12वीं योजना के दौरान 10797 लेवल क्रासिंग समाप्त करने का प्रस्ताव किया गया है। रेलवे के वित्तीय कामकाज के बारे में बताते हुये बंसल ने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में छाई सुस्ती को देखते हुये वर्ष 2012..13 के लिये तय ढुलाई लक्ष्य को 102.50 करोड़ टन के बजट लक्ष्य से संशोधित कर 100.70 करोड़ टन कर दिया गया है। रेलवे की कुल परिवहन प्राप्तियां भी संशोधित अनुमानों में 1,25,680 करोड़ रुपये तक पहुंच गई जो बजट अनुमान की तुलना में 6,872 करोड़ रुपये कम रही। चालू वित्त वर्ष के सामान्य संचालन खर्च को बजटीय अनुमान 84,400 करोड़ रुपये के स्तर पर बरकरार रखा गया जबकि पेंशन भुगतान 1,500 करोड़ रुपये बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये रहा। सरकार को लाभांश देनदारी का भुगतान
कर दिया गया है। बजट में 10,409 करोड़ रुपये का आधिक्य रहा है जबकि बजट में यह राशि 15,557 करोड़ रुपये थी। चालू वित्त वर्ष के दौरान 3,000 करोड़ रुपये रिण लिया गया जिसका भुगतान ब्याज सहित कर दिया गया है। रेलवे का परिचालन अनुपात 88.8 प्रतिशत रिकार्ड किया गया जबकि 2011-12 में यह 94.9 प्रतिशत था। वित्त वर्ष 2012-14 के लिये 104.7 करोड़ टन माल ढुलाई लक्ष्य लक्ष्य रखा है जो चालू वर्ष के मुकाबले 4 करोड़ टन अधिक है। यात्रियों की संख्या में 5.2 प्रतिशत वृद्धि तथा सकल यातायात प्राप्ति 1,43,742 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो चालू वर्ष के संशोधित अनुमान से 18,062 करोड़ रुपये अधिक है। साधारण संचालन व्यय 96,500 करोड़ रुपये रखा गया है। मूल्य हÑास के लिये आरक्षित कोष में विनियोग 7,500 करोड़ रुपये रखा गया है औंर पेंशन कोष के लिये 22,000 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। परिचालन अनुपात एक प्रतिशत सुधरकर 87.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इससे वर्ष 2013-14 के अंत में कुल 12,506 करोड़ रुपये की बचत होगी। आगामी वित्त वर्ष के लिये रेलवे की वार्षिक योजना 63,363 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इसके लिये सकल बजट सहायता 26,000 करोड़ रुपये दी जाएगी। रेलवे सुरक्षा कोष के लिये आवंटन 2,000 करोड़ रुपये किया गया है। 14,260 करोड़ रुपये रेलवे आतंरिक ससांधनों से जुटाएगी। इसके अलावा 15,103 करोड़ रुपये बाजार से उधार लेकर जबकि 6,000 करोड़ रुपये सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से जुटाये जाएंगे। राजकोषीय अनुशासन के तहत रेल मंत्री ने कहा कि संसद के मानसून या शीतकालीन सत्र में अनुदान के लिये पूरक मांग नहीं रखी जाएगी। प्रतिबद्ध देनदारियों को पूरा करने के लिये नया रिण सेवा कोष का गठन किया जाएगा और 12वीं योजना के आखिरी साल में 30,000 करोड़ रुपये का कोष संतुलन गठन करने का लक्ष्य है। मुंबई में 72 तथा कोलकाता में 18 अतिरक्ति उपनगरीय सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके अलावा आगामी वित्त वर्ष में मुंबई उपनगर में पहली एसी ईएमयू शुरू करने की योजना है। कोलकाता में 80 सेवाओं तथा चेन्नई में 30 सेवाओं के लिए गाड़ी में अब डिब्बों की संख्या नौ से बढाकर 12 की गई है। बजट में 500 किलोमीटर लंबी नयी रेल लाइनों का प्रस्ताव किया है। इसी तरह 750 किलोमीटर लबी रेल लाइन का दोहरीकरण तथा 450 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के अमान परिवर्तन का प्रस्ताव भी है। बंसल ने घोषणा की कि अरूणाचल प्रदेश में पहला रेल संपर्क अगले साल स्थापित किया जाएगा। बजट में दस साल :2014-24: के लिए कारपोरेट सुरक्षा योजना तथा 12वीं योजना अवधि में 10,797 कÑासिंग को समाप्त करने का प्रस्ताव किया गया है। भविष्य में भारतीय रेलवे में कोई नयी लेवल कÑांसिंग नहीं होगी। सुरक्षा कदमों के तहत स्वत: सिग्नलिंग सिस्टम्स पर ट्रेन प्रोटेक्शन वानि’ग सिस्टम की पेशकश की जाएगी। रेलगाड़ियों में टकराव रोकने के लिए विकसित स्वदेशी प्रणाली का कड़ा परीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली में पहिया बनाने का कारखाना :फोर्ज्ड व्हील फैक्टरी:, भीलवाड़ा में एमईएमयू बनाने का कारखाना तथा सोनीपत में कोच बनाने का काखाना लगाया जाएगा।
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