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Monday, 25 February 2013 18:40 |
पटना। बिहार सरकार ने आज कहा कि 2011 में अपहरण, बलात्कार, हत्या सहित महिलाओं के खिलाफ अपराध के 10231 मामले दर्ज किये गये जिनमें सरकार के प्रयास से कांड का त्वरित अनुसंधान, समय पर आरोपपत्र दाखिल किया जा रहा है और त्वरित सुनवाई की जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष अब्दुल बारी सिद्दिकी के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा , ‘‘ 2011 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 10,231 मामले दर्ज किये गये जबकि 2008 में यह संख्या 8662 थी। महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में कांड का त्वरित अनुसंधान, आरोप पत्र का त्वरित समर्पण और त्वरित सुनवाई कराया जा रहा है। ’’ उन्होंने कहा कि सहरसा जिले
में सौर बाजार क्षेत्र में एक दलित महिला के साथ बलात्कार मामले में 24 घंटे के भीतर आरोपपत्र दाखिल कर तीन लोगों को रिकार्ड समय में सजा आजीवन कारावास की सजा दिलाई गयी। चौधरी ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध की रोकथाम की दिशा में सभी जिलों में महिला थाने स्थापित किये गये हैं, अपराध अनुसंधान विभाग :सीआईडी: में कमजोर वर्ग कोषांग स्थापित है। महिलाओं के अपहरण, बलात्कार आदि के मामले में त्वरित सुनावाई करायी जा रही है। राजद नेता ने आरोप लगाया कि सरकार छलावा कर रही है। महिलाओं के खिलाफ अपराध के 10 हजार मामलों में से केवल एक उदाहरण दिया गया है। सरकार से इन मामलों की सुनवाई त्वरित अदालतों में करवाने की मांग की। (भाषा)
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