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Monday, 25 February 2013 17:29 |
पटना। बिहार सरकार ने आज कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा फैसला नहीं किये जाने के कारण राज्य में नक्सल विरोधी अभियान के लिए सुरक्षा बलों को पड़ोसी राज्य झारखंड से हेलीकाप्टर लेना पड़ता है।
विधानसभा में भाजपा सदस्य अवनीश कुमार सिंह के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा, ‘‘ सिक्युरिटी रिलेटेड एक्सपेंडिचर :एसआरई: योजना के तहत कें्रदीय गृह मंत्रालय ने नक्सल विरोध अभियान के लिए एक एमआई-17 या उसके समकक्ष हेलीकाप्टर किराये पर लेने की सहमति दी थी लेकिन उसकी शर्त और दिशा निर्देश के बारे में फैसला नहीं हुआ है। इस कारण पड़ोसी राज्य झारखंड से हेलीकाप्टर लेकर नक्सल विरोधी कार्रवाई की जाती है।
’’ उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस मुख्यालय ने 2011 हेलीकाप्टर किराये पर लेने के गृह मंत्रालय को पत्र लिखा था जिस पर कें्रद ने फैसला नहीं किया है। राज्य सरकार पुन: कें्रद को इस बारे में लिखेगी। फिलहाल झारखंड के पास दो हेलीकाप्टर हैं, उनसे बिहार को नि:शुल्क सहयोग मिल रहा है। चौधरी ने कहा कि हेलीकाप्टर मिलने के बाद यह गया जिले में रहेगा। उड़ीसा, छत्तीसगढ, झारखंड और आंध्र प्रदेश की तरह बिहार को भी अलग से हेलीकाप्टर की जरूरत है। भाजपा सदस्य ने कहा कि राज्य में 38 जिलों में 15 जिले नक्सल प्रभावित हैं। राज्य सरकार को नक्सल विरोधी अभियान में हेलीकाप्टर के प्रयोग पर विचार करना चाहिए।
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