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पीएसएलवी-सी20 मिशन की तैयारी पूरी PDF Print E-mail
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Sunday, 24 February 2013 11:56

चेन्नई । समुद्र विज्ञान से जुड़े अध्ययनों के लिए भारतीय..फ्रांसीसी उपग्रह ‘सरल’ के प्रक्षेपण के साथ आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से कल इसरो के प्रक्षेपण राकेट पीएसएलवी से छह अन्य विदेशी लघु और सूक्ष्म उपग्रहों को अंतरिक्ष की कक्षा में भेजने की तैयारी है। धु्रवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान ‘पीएसएलवी..सी20’ को कल यहां से 110 किलोमीटर दूर सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले लांच पैड से स्थानीय समयानुसार शाम 5 बजकर 56 मिनट पर छोड़ने का कार्यक्रम है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी इस दौरान मौजूद रह सकते हैं।
प्रक्षेपण के लिए 59 घंटे की उलटी गिनती कल सुबह 6 बजकर 56 मिनट से शुरू हुई जो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र :इसरो: के सूत्रों के मुताबिक सही तरह से आगे बढ़ रही है।
लगातार 21 सफल प्रक्षेपण करने का रिकार्ड रखने वाले पीएसएलवी का यह 23वां मिशन है। नौवीं बार इसरो रॉकेट के ‘कोर एलोन’ वेरियंट का इस्तेमाल कर रहा


है।
668.5 किलोग्राम वजनी और 44.4 मीटर लंबा यह रॉकेट 229.7 टन वजन लेकर उड़ान भरेगा। ‘सरल’ के साथ यह सूक्ष्म..उपग्रहों यूनीब्राइट तथा ब्राइट :आॅस्ट्रिया:, आउच्च्सेट 3 :डेनमार्क:, ब्रिटेन के एसटीआरएएनडी, कनाडा के नियोससैट तथा कनाडा के ही लघु उपग्रह सफायर को लेकर उड़ान भरेगा।
इसरो ने इससे पहले ‘सरल’ को पिछले साल 12 दिसंबर को प्रक्षेपित करने की योजना बनाई थी लेकिन तकनीकी कारणों से अतिरिक्त परीक्षण करने के लिए इसे टाल दिया गया।
इसरो द्वारा निर्मित ‘सरल’ 410 किलोग्राम वजनी उपग्रह है जिसमें फ्रांसीसी अंतरिक्ष एजेंसी सीएनईएस के पेलोड...आर्गोस तथा अल्तिका लगे हैं। यह उपग्रह समुद्र की स्थितियों को समझने में मदद करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि मौके पर राष्ट्रपति मुखर्जी की मौजूदगी की संभावना के चलते सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है।
अधिकारियों के मुताबिक सरल जो डाटा प्रदान करेगा उससे समुद्री मौसम, पूर्वानुमान, जलवायु निगरानी आदि में मदद मिलेगी। (भाषा)

Last Updated on Sunday, 24 February 2013 17:23
 
 

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