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Saturday, 23 February 2013 17:19 |
हैदराबाद । दिलसुखनगर दोहरे विस्फोट मामले को सुलझाने के लिए 15 विशेष दल स्थापित किए गए हैं। वहीं आंध्र प्रदेश सरकार ने आज सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई कदमों की घोषणा की।
इसमें महत्वपूर्ण स्थानों पर 3500 सीसीटीवी कैमरे लगाना भी शामिल है। गृह मंत्री पी सविता इंद्र रेड्डी ने आज दोपहर यहां सचिवालय में मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद कहा, ‘‘हमने इस मामले में अहम सुराग जुटाए हैं। हमें विश्वास है कि हम इस मामले को जल्द सुलझाएंगे।’’ बहरहाल, उन्होंने कहा कि अब तक कोई स्पष्ट सूचना नहीं है कि गुरुवार की रात को हैदराबाद में हुए विस्फोटों के लिए कौन जिम्मेदार है। उन धमाकों में 16 लोगों की मृत्यु हुई थी और 117 घायल हुए थे। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए गठित 15 टीमों में विभिन्न शाखाओं के 10 से 15 कर्मी होंगे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी के महानिदेशक एस सी सिन्हा ने राज्य पुलिस के अधिकारियों के साथ जांच प्रक्रिया पर
चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घृणित घटनाएं दोबारा न हों इसे सुनिश्चित करने के लिए सरकार कदम उठाने को प्रतिबद्ध है। मंत्री ने कहा, ‘‘चूंकि 1995 में आतंकवादी हैदराबाद में अफरा-तफरी मचाने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ मामलों में उन्होंने अपनी योजना को अंजाम दिया लेकिन अनेक आतंकी हमलों को रोक दिया गया है।’’ गृह मंत्री ने बताया कि हैदराबाद और साइबराबाद पुलिस कमिश्नरी के तहत निगरानी में सुधार के लिए 3500 क्लोज सर्किट कैमरे लगाए जाएंगे। इस बीच, पुलिस महानिदेशक वी दिनेश रेड्डी ने जांच में प्रगति के बारे में मुख्यमंत्री को सूचना दी। मुख्यमंत्री ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विस्फोट पीड़ितों के इलाज की लगातार निगरानी करें। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री कोंडरू मुरली मोहन को अस्पताल जाने और इस बात को सुनिश्चित करने को कहा कि प्रबंधन किसी भी तरीके से पीड़ितों के रिश्तेदारों को प्रताड़ित नहीं करे। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार समूचे इलाज का खर्च वहन करेगी। (भाषा)
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Last Updated on Saturday, 23 February 2013 18:04 |