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Thursday, 21 February 2013 18:07 |
नयी दिल्ली (भाषा)। उच्चतम न्यायालय ने व्यापारिक घरानों के लिये संपर्क का काम करने वाली नीरा राडिया की नेताओं, उद्योगपतियों और दूसरे व्यक्तियों के बीच रिकार्ड की गयी टेलीफोन वार्ता के विवरण की जांच के लिये छह अधिकारियों का दल गठित किया है।
इसमें केन्द्रीय जांच ब्यूरो के पांच और आय कर विभाग का एक अधिकारी शामिल है। न्यायमूर्ति जी एस सिंघवी और न्यायमूर्ति एस जे मुखोपाध्याय की खंडपीठ ने कहा कि इस जांच दल के कामकाज की देखरेख जांच एजेन्सी के दो अधिकारी करेंगे जो 2जी स्पेक्ट्रम मामले को देख रहे जांच एजेन्सी के पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट करेंगे। न्यायालय ने कहा कि पूरे मामले पर नजर इस प्रकरण की देखरेख कर रहे जांच एजेन्सी के उप महानिरीक्षक करेंगे। इस जांच एजेन्सी को आज से चार महीने
के भीतर अपनी रिपोर्ट न्यायालय को सौंपनी है। शीर्ष अदालत ने 13 फरवरी को नीरा राडिया की दूसरे व्यक्तियों के साथ हुयी वार्ता की जांच पड़ताल करके इसमें से आपराधिक तथ्यों का पता लगाने हेतु एक दल गठित करने के लिये सीबीआई, आय कर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के नाम मांगे थे। न्यायाधीशों ने पहले कहा था कि टेलीफोन रिकार्ड की गयी बातचीत के कुछ अंशों का उन्होंने अवलोकन किया है। इसमें से कुछ हिस्से तो ‘हानिरहित’ हैं, इसलिए बातचीत के लिप्यांतरित प्रति की छानबीन की आवश्यकता है ताकि इनमें से ‘आपराधिक’ तथ्यों का पता लगाया जा सके। न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि छानबीन का यह काम बातचीत के सिर्फ उन्हीं अंशों तक सीमित करेगा जो आपराधिक तथ्यों और न्याय के हित से जुड़े हैं।
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