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धर्मनिरपेक्ष लोगों के बीच मोदी कभी स्वीकार्य नहीं: अरशद मदनी PDF Print E-mail
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Thursday, 21 February 2013 17:12

नयी दिल्ली । जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने नरेंद मोदी की तारीफ से जुड़े महमूद मदनी के बयान को ‘गलत’ करार दिया।

प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद मोदी की कथित तारीफ से जुड़े महमूद मदनी के बयान को ‘गलत’ करार देते हुए कहा कि मोदी को मुस्लिम समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा और उन्हें धर्मनिरपेक्ष सोच वाली बड़ी आबादी का भी समर्थन नहीं मिलेगा। जमीयत :महमूद धड़ा: के महासचिव महमूद मदनी ने पिछले दिनों के एक निजी समाचार चैनल के साथ बातचीत में कथित तौर पर यह बयान दिया था कि मोदी को लेकर मुसलमानों के रुख में बदलाव आया है। इस पर विवाद खड़ा हो गया, हालांकि बाद में महमूद मदनी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने गुजरात के संदर्भ में बात कही थी और उनकी बात को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया।
इस मामले पर आज जमीयत प्रमुख अरशद मदनी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘उन्होंने :महमूद: मोदी को लेकर जो बयान दिया है, वह पूरी तरह गलत और जमीनी हकीकत से दूर है। देश में मुसलमानों के रुख में मोदी को लेकर कोई बदलाव नहीं आया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ मुस्लिम समाज


ही नहीं, बल्कि देश में धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील सोच रखने वाले बहुसंख्यक समाज के लोग भी मोदी को स्वीकार नहीं करेंगे। देश का मिजाज लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष है, जिसमें मोदी जैसे नेताओं के लिए कोई जगह नहीं है।’’
अरशद मदनी ने गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे की ओर से ‘हिंदू आतंकवाद’ को लेकर दिये बयान पर अफसोस जाहिर करने के बारे में कहा, ‘‘यह कहना गलत है कि गृह मंत्री ने माफी मांगी है। उन्होंने ‘हिंदू आतंकवाद’ की बात पर अफसोस जताया है। आतंकवाद के साथ हिंदू या मुस्लिम किसी भी धर्म का नाम नहीं जुड़ना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘गृह मंत्री ने आतंकवाद के मामलों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और इससे जुड़े लोगों की संलिप्तता की बात कही है। यह मामला बहुत गंभीर है। सरकार को निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है।’’
जमीयत प्रमुख ने कें्रद सरकार से मांग की है कि आतंकवाद के आरोपों में बंद नौजवानों के मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के साथ उन मामलों में गिरफ्तार ‘निर्दोष युवकों’ को रिहा किया जाए जिनमें साध्वी प्रज्ञा सिंह और कर्नल पुरोहित जैसे लोग गिरफ्तार किए गए हैं।
मदनी ने मुसलमानों को आरक्षण देने के लिए संविधान में संशोधन करने और सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग भी की। (भाषा)

 

Last Updated on Thursday, 21 February 2013 17:49
 
 

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