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भारत वीवीआईपी हेलीकाप्टर बनाने मे सक्षम: डीआरडीओ PDF Print E-mail
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Wednesday, 20 February 2013 18:24

नयी दल्ली (भाषा)। अतिविशिष्ट लोगों के लिए अगस्तावेस्टलैंड हेलीकाप्टर की आपूर्ति सबंधी सौदे के रद्द होने की संभावना के बीच डीआरडीओ ने आज कहा कि उसके पास ऐसे हेलीकाप्टर तैयार करने की क्षमता है। हालांकि उसने दलील दी कि किसी भी चीज का पूरी तरह से स्वेदशी उत्पादन अव्यवहारिक है।
डीआरडीओ प्रमुख वी के सारस्वत ने पीटीआई से कहा, ‘‘ हमारे पास कोई भी प्रणाली तैयार करने की क्षमता है। हम हल्के लड़ाकू हेलीकाप्टर :एलसीएच: बना रहे हैं। हम पहले ही उन्नत हल्के हेलीकाप्टर :एएलएच: और अपना विमान तैयार कर चुके हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ किसी भी उन्नत प्रौद्योगिकी प्रणाली के विनिर्माण के लिए क्षमता और योग्यता की कोई कमी नहीं है। ’’
सारस्वत से एक सेमिनार से इतर पूछा गया था कि क्या अगस्तावेस्टलैंड एडब्ल्यू..101 जैसे हेलीकाप्टरों का विनिर्माण करने में सक्षम


है।
देश के अतिविशिष्ट लोगों के इस्तेमाल के लिए 12 हेलीकाप्टरों की खरीद के लिए 3600 करोड़ रुपए के सौदे से जुड़े विवाद की पृष्ठभूमि में उनका बयान काफी महत्व रखता है।
यह सौदा हासिल करने के लिए 362 करोड़ रुपए की रिश्वत दिए जाने के आरोपों के बाद रक्षा मंत्रालय ने करार को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की है।
सारस्वत ने कहा कि सुई से लेकर विमान तक सब कुछ देश में ही बनाना किफायती नहीं होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘ अगर आपको 20 की संख्या में जरूरत है और आप इसका उत्पादन करते हैं और उत्पादन के लिए संयंत्र स्थापित करते हैं जिसमें एक हजार करोड़ रुपए की लागत आएगी, तो यह निरर्थक है।’’
सारस्वत ने कहा कि वैश्विक दुनिया में, वैश्विक अर्थव्यवस्था में 100 फीसदी स्वदेशी धारणा सही नहीं है।

 
 

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