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Wednesday, 20 February 2013 16:20 |
मुम्बई (भाषा)। बंबई उच्च न्यायालय ने एक व्यक्ति को मुम्बई और उसके उपनगरीय क्षेत्रों से दो साल के लिए तड़ी पार करने संबंधी पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी का आदेश खारिज कर दिया और कहा कि यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन है।
अदालत ने यह भी कहा कि सलीम अनवर बादशाह सैयद के खिलाफ संंबंधित अधिकारी ने निष्कासन आदेश जारी करते समय कुछ असंबद्ध सामग्री भी विचार किया। न्यायमूर्ति ए पी भांगले और न्यायमूर्ति ए एस ओका की पीठ ने सलीम सैयद के खिलाफ पुलिस उपायुक्त :जोन अष्ठम: का निष्कासन आदेश खारिज कर दिया। इस अधिकारी ने बंबई पुलिस अधिनियम की धारा
56:ए:के तहत प्रदत्त अधिकार का उपयोग करते हुए 27 अप्रैल, 2012 को यह आदेश जारी किया था । अदालत ने कहा कि सलीम सैयद को नोटिस भेजा गया था कि क्यों न उसे निष्कासित किया जाए। नोटिस में उसके खिलाफ नौ अपराधों का जिक्र था। लेकिन निष्कासन आदेश के अनुसार दो अन्य अपराधों पर भी गौर किया गया और याचिकाकर्ता के खिलाफ गैर संज्ञेय मामला दर्ज किया गया। जबकि कारण बताओ नोटिस में तीनों मामलोंं का जिक्र नहीं था। अदालत ने कहा कि इससे न केवल प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन हुआ बल्कि अधिकारी ने असंबद्ध सामग्री पर भी गौर किया था।
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