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Wednesday, 20 February 2013 13:33 |
श्रीनगर। संसद हमले के दोषी मोहम्मद अफजल गुरु के शव की सुपुर्दगी की मांग को लेकर कट्टरपंथी हुर्रियत द्वारा आहूत आम हड़ताल का कश्मीर घाटी में मिला जुला असर देखने को मिला है।
सैयद अली शाह गिलानी के नेतृत्व वाले हुर्रियत कांफ्रेंस ने सोमवार को विरोध के बारे में एलान करते हुए कहा कि बुधवार और गुरूवार को आम जनजीवन पूरी तरह से ठप रहेगा जबकि शुक्रवार की नमाज के बाद बंद का आयोजन होगा। गिलानी अभी दिल्ली में नजरबंद हैं। वाणिज्यिक गतिविधियों के केंद्र लाल चौक इलाके में
दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे वहीं घाटी के अन्य इलाकों में उतना असर नहीं देखा गया। मुख्य शहरों के अधिकांश सड़कों से सार्वजनिक वाहन नदारद रहे लेकिन निजी वाहनों का आवागमन पहले की तरह सामान्य है। घाटी के अन्य जिलों और उपनगरों में जनजीवन सामान्य है क्योंकि इन इलाकों में हड़ताल को बेहतर प्रतिक्रिया नहीं मिली। सरकारी कार्यालय और बैंक खुले हैं जबकि शीतकालीन छुट्टियों के कारण स्कूल बंद हैं। श्रीनगर और अन्य शहरों के संवेदनशील इलाकों में सैकड़ों पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी। (भाषा)
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