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हेलीकॉप्टर सौदे को लेकर इस्तीफे का सवाल ही नहीं: एंटनी PDF Print E-mail
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Tuesday, 19 February 2013 15:19

नई दिल्ली। हेलीकॉप्टर सौदे में संसद में विपक्ष की ओर से तीखे हमले की संभावना के बीच रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने आज कहा कि सरकार को कुछ भी छिपाना नहीं है और वह इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने अपने इस्तीफे की खबरों को तवज्जो नहीं दी।
इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर एंटनी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं अपनी जिम्मेदारी निभाउच्च्ंगा। मैं संसद सत्र के लिए तैयारी कर रहा हूं। हम संसद में हर चीज स्पष्ट करेंगे। हमें कुछ छिपाना नहीं है। हमारे हाथ बिल्कुल साफ हैं।’’
12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए 3,600 करोड़ रुपये के सौदे में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भाजपा ने रक्षा मंत्रालय पर ‘सोते रहने’ का आरोप लगाया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मैं ऐसे किसी को जगा नहीं सकता जो सो रहा है।’’
एंटनी ने कहा कि इस घोटाले की खबरें मीडिया में आते ही पहले दिन से रक्षा मंत्रालय ने कार्रवाई शुरू कर दी।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस के एक समारोह में प्रेस को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि सौदे को रद्द करने की प्रक्रिया पर अलग अलग मंत्रालयों के बीच कोई मतभेद नहीं है और पूरी सरकार मिलकर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि हर तरह की सावधानी बरतने के बावजूद उपजे विवाद को लेकर वह दुखी और निराश हैं।
एंटनी से संवाददाताओं ने पूछा था कि क्या वह पूरे घटनाक्रम से दुखी हैं और नैतिक आधार पर इस मुद्दे पर इस्तीफा दे रहे हैं।
एंटनी ने कहा कि वह कथित घोटाले को लेकर दुखी हैं क्योंकि एक घोटाले , जिसमें उन पर आधुनिकीकरण को धीमा करने का आरोप लगा था, में छह कंपनियों को काली सूची में डालने के बावजूद ऐसा मामला हुआ।
उन्होंने कहा, ‘‘मनुष्य के लालच का कोई अंत नहीं है और दुनिया में अब भी लालची लोग


काम कर रहे हैं।’’
एंटनी ने कहा कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टरों को खरीदने की प्रक्रिया में रक्षा मंत्रालय समेत सरकार के सभी विभागों, वायु सेना और एसपीजी ने समस्त प्रक्रियाओं का पालन किया। लेकिन इस सबके बावजूद यह स्पष्ट है कि कहीं न कहीं कुछ हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार का यही फैसला है कि हमें विवाद की जड़ में जाकर सचाई का पता लगाना चाहिए और दोषियों को खोजना चाहिए। जो भी इसके लिए जिम्मेदार पाया जाए उसे जल्दी से जल्दी कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए तथा अधिकतम सजा मिलनी चाहिए। यह पूरी सरकार का दृढ़निश्चय है।’’
इटली और ब्रिटेन से सौदे के ब्योरे का एक साल तक इंतजार करते रहने के बाद पिछले एक हफ्ते में सिलसिलेवार कदम उठाने के सवाल पर मंत्री ने कहा, ‘‘जब रिपोर्ट आई तो कंपनी :फिनमेक्कानिका: के सीईओ को गिरफ्तार कर लिया गया। हमने मामला सीबीआई को सौंपने का फैसला किया।’’
एंटनी ने कहा कि उन्होंने मामले को सीबीआई को भेजने, सौदे को रद्द करने समेत कुछ कार्रवाई की हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने करार निरस्त करने के लिए कार्रवाई की है जिसके लिए हमने कारण बताओ नोटिस जारी किया है और हमें :इटली के: जवाब का इंतजार है। हम अपने अधिकारियों और सीबीआई दल की वापसी का इंतजार भी कर रहे हैं। हम कानून के हिसाब से बढ़ेंगे लेकिन किसी के प्रति कोई दया नहीं दिखाएंगे।’’
मंत्री ने कहा कि कथित हेलीकॉप्टर घोटाले में जांच कर रहीं इटली की अदालतों और इतालवी सरकार से रिपोर्ट प्राप्त करने के प्रयास चल रहे हैं।
सौदे के मुद्दे पर रक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के बीच मतभेदों की खबरों पर एंटनी ने कहा, ‘‘इस समय रक्षा मंत्रालय इस मामले को मुख्य रूप से संभाल रहा है। उसी समय जरूरत पड़ने पर हमने विदेश मंत्रालय की मदद मांगी जो हमें मिली। तालमेल में किसी तरह की कमी का कोई सवाल नहीं है।’’ (भाषा)

 

Last Updated on Tuesday, 19 February 2013 16:33
 
 

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