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Tuesday, 19 February 2013 15:16 |
कटक। पश्चिम और दक्षिण ओड़िशा के जमीनी कार्यकर्ताओं से बातचीत के एक दिन बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज अन्य क्षेत्रों के नेताओं से चर्चा की और अगले आम चुनावों से पहले पार्टी को प्रदेश में खराब स्थिति से बाहर निकालने की रणनीतियों पर विचार विमर्श किया।
कटक पहुंचते ही राहुल ने अगले साल होने वाले चुनावों में कांगे्रेस की संभावनाओं को मजबूत करने की कवायद के तहत 16 सांगठनिक जिलों के पार्टी पदाधिकारियों से चर्चा की। कांग्रेस उपाध्यक्ष बनाये जाने के बाद पहली बार ओड़िशा की यात्रा कर रहे 42 वर्षीय राहुल ने पार्टी में नयी जान डालने के मकसद से सबसे पहले जिला स्तरीय कार्यकर्ताओं और नेताओं से संवाद किया। वर्ष 2000 के बाद से पार्टी राज्य की सत्ता में नहीं पहुंच सकी है। ओड़िशा प्रदेश कांगे्रस कमेटी के अध्यक्ष निरंजन पटनायक ने कहा, ‘‘राहुलजी की यात्रा और जमीनी स्तर के नेताओं से उनका संवाद पार्टी को मजबूत करेगा।’’ वरिष्ठ पार्टी नेता चिरंजीव विश्वास ने कहा, ‘‘राहुलजी की यात्रा के बाद पार्टी कार्यकर्ता उत्साहित हैं। इससे निश्चित रूप से ओड़िशा में कांग्रेस मजबूत होगी।’’ अगले चुनावों के लिहाज से राहुल की यात्रा को अहम बताते हुए एक अन्य नेता ने कहा, ‘‘इससे कांग्रेस में नयी जान डालने में और पार्टी कार्यकर्ताओं का विश्वास बहाल करने में मदद मिलेगी जिनका राज्य
में लगातार तीन विधानसभा चुनावों में हमारी पराजय से मनोबल गिरा है।’’ जमीनी स्तर के नेताओं से पार्टी उपाध्यक्ष की मुलाकात सुगमता से चलने का जिक्र करते हुए एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राहुल अपने दिनभर के कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के पंचायत पदाधिकारियों से भी मिल सकते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल गांधी पार्टी के पूर्व और मौजूदा सांसदों तथा विधायकों से भी मुलाकात कर सकते हैं और ओड़िशा में पार्टी की विस्तारित कार्यसमिति की बैठक में शामिल हो सकते हैं। कटक में नेताओं से मुलाकात से पहले राहुल ने कल संबलपुर में अपने दिन भर के कार्यक्रम में कांग्रेस की स्थिति का जायजा लिया। कांग्रेस महासचिव शकील अहमद के अनुसार, ‘‘संबलपुर में नेताओं के साथ राहुल की चर्चा में ओड़िशा में पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान दिया गया। उन्होंने 17 सांगठनिक जिलों के पदाधिकारियों के साथ सात घंटे तक मैराथन बातचीत की।’’ ओड़िशा के अपने दो दिवसीय दौरे में राहुल जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओंं से प्रतिक्रिया ले रहे हैं और उम्मीदवारों के चयन के तरीके पर विचार विमर्श कर रहे हैं। वह इस संबंध में पार्टी नेताओं की राय भी ले रहे हैं। एक अन्य नेता ने कहा, ‘‘राहुल चुनाव में कांग्रेस की संभावनाओं को मजबूत करने के लिहाज से जरूरी कदमों पर पार्टी नेताओं के सुझाव चाह रहे हैं।’’ (भाषा)
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