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भारत की वह ‘द फैमली’ कौन है जिसे 200 करोड़ की रिश्वत मिली :भाजपा PDF Print E-mail
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Friday, 15 February 2013 18:30

नयी दिल्ली। सवालों में यह भी है कि हेलिकाप्टर सौदे को अंतिम रूप किसने दिया और उस पर हस्ताक्षर किसने किए, रिश्वत किसने प्राप्त की, हैश्के और एमार एमजीएफ में क्या संबंध है, आईडीएस इंडिया की इस घोटाले में क्या भूमिका है। और क्या सरकार ने घोटाले के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए इटली सरकार को पत्र लिखा है।भाजपा ने आज सरकार से जानना चाहा कि वह कौन ‘परिवार’ है जिसे हेलिकाप्टर सौदा घोटाले में 200 करोड़ रूपए बतौर रिश्वत देने की बात इटली की अदालत में दाखिल आरोप पत्र में कही गई है।
पार्टी ने हेलिकाप्टर खरीद घोटाले की तहकीकात विशेष जांच दल से या उच्चतम न्यायालय की निगरानी में कराने की मांग करते हुए भारत के एक ‘‘परिवार’’ को रिश्वत दिए जाने के राज से पर्दा उठाने की मांग की।
भाजपा के प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने इस घोटाले के संदर्भ में पार्टी की ओर से सरकार के सामने छह सवाल रखते हुए उनका जवाब देने को कहा।
इन सवालों में प्रमुख है, ‘‘इतालवी अदालत में दाखिल आरोप पत्र में दो जगह परिवार :द फैमिली: को तकरीबन 200 करोड रूपए का भुगतान करने का जिक्र किया गया है। देश जानना चाहता है कि यह परिवार कौन है? ’’

भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता एम वेंकैया नायडू ने हैदराबाद में कहा कि


या तो उच्चतम न्यायालय की या फिर संसदीय समिति की निगरानी में विशेष जांच दल गठित करके पूरे मामले की जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा ‘कांग्रेस भेदभावपूर्ण तरीके से जांच का अंत करने के उद्देश्य से सीबीआई के दुरूपयोग के लिए कुख्यात है इसीलिए भाजपा का सुझाव है कि सीबीआई जांच स्वीकार्य नहीं है। सीबीआई की कोई विश्वसनीयता नहीं है और सरकार के इरादे भी संदेहपूर्ण हैं।’
नायडू ने यहां संवाददाताओं से कहा ‘यह मुद्दा वर्ष 2011 में संसद में उठाया गया था और रक्षा मंत्री को एक पत्र भी लिखा गया था। इसके बावजूद सरकार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।’
उन्होंने कहा कि जब इस मुद्दे पर इटली में मामला दर्ज हुआ और भारतीय बिचौलियों को भी रिश्वत दिए जाने के खुलासे होने लगे तब सरकार ने सीबीआई जांच की बात की।
नायडू ने आरोप लगाया ‘हमें सीबीआई पर भरोसा नहीं है क्योंकि हमने देखा है कि सीबीआई, राज्यपाल, आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय और अन्य दूसरे संस्थानों का सरकार दुरूपयोग करती है ताकि राजनीतिक विरोधियों को परेशान किया जा सके, सहयोगियों को अपने नियंत्रण में रखा जा सके और तटस्थ रहने वालों पर जीत हासिल की जा सके।
भाजपा नेता ने कहा कि सौदे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जरूरी है जैसे इस पर किसने हस्ताक्षर किए, बिचौलिये कौन थे और उनके तार कहां कहां तक जुड़े हैं। (भाषा)

 
 

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