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Friday, 15 February 2013 11:58 |
नयी दिल्ली। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आज मारे गये चंदन तस्कर वीरप्पन के चार साथियों को फांसी दिये जाने पर रोक लगाने की मांग की।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने एक बयान में बताया कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा जिन चार कैदियों की दया याचिका को ठुकरा दिया गया है, उनकी फांसी पर भारत को तुंरत रोक लगानी चाहिए।
वर्ष 1993 में बारूदी सुरंग विस्फोट के मामले में चार कैदियों ज्ञानप्रकाशम, सिमोन, मीसेकर मदैया और बिलावेन्द्रन को फांसी की सजा सुनायी गयी है। अफजल गुरू को फांसी दिये जाने के कुछ दिनों के बाद राष्ट्रपति का यह कदम सामने आया है। भारत में तीन महीने से भी कम समय के भीतर दो लोगों को फांसी दी गयी है। (भाषा)
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