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Wednesday, 13 February 2013 17:06 |
ग्वालपाड़ा (भाषा)। असम के ग्वालपाड़ा जिले में हुई हिंसा में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है।
अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगे होने के बावजूद कृष्णई और मोरनोई इलाकों में बीती रात हिंसा जारी रही, वहीं प्रभावित इलाकों में सेना फ्लैग मार्च कर रही है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पुलिस गोलीबारी में मरने वालों की संख्या आज 12 से बढ़कर 19 हो गई। हालांकि, उन्होंने इस बारे में ब्योरा नहीं दिया। रक्षा सूत्रों ने बताया कि सेना फ्लैग मार्च कर रही है और राज्य सरकार के साथ करीबी सहयोग के साथ काम कर रही है। बदमाशों की गोलीबारी में ग्वालपाड़ा पुलिस थाना क्षेत्र में चार लोगों के गंभीर रूप से घायल होने सहित सात लोग घायल हो गए हैं। इस इलाके में 10 मकान फूंक दिये गए जबकि मोरनोई पुलिस थाना क्षेत्र के रंगागोरा में पांच और पहाड़सिंहपाड़ा में 20 मकानों को आग के हवाले कर
दिया गया। उन्होंने बताया कि तीन गांवों के लोग अपना घर बार छोड़कर भाग गए हैं और उन्होंने राहत शिविरों में शरण ले रखी है। गौरतलब है कि कल हुए अंतिम चरण के पंचायत चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर लोगों के समूहों ने घातक हथियारों के साथ धावा बोल दिया था। मंत्री रॉकीबुल हुसैन, राजीव लोचन पेगु के साथ मुख्यमंत्री के कृषि सलाहकार भूमिधर वर्मन जिले में मौजूद हैं। जातीय रबहास समुदाय और बोडो एवं गारो जनजाति समर्थित हासोंग समुदाय पंचायत चुनाव से पहले आरएचएसी चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायतों से परिषद के अधिकार कम हो जाएंगे। बहरहाल, मुख्यमंत्री तरूण गोगोई ने पुलिस गोलीबारी में मारे गए लोगों के निकट परिजन को पांच...पांच लाख रूपये, घायलों को पचास...पचास हजार रूपया और आगजनी से क्षतिग्रस्त हुए मकानों के पुननिर्माण के लिए सहायता देने की घोषणा की है।
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Last Updated on Wednesday, 13 February 2013 18:17 |