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Wednesday, 13 February 2013 10:36 |
तिरुवनंतपुरम (भाषा)। केरल सरकार को कानूनी राय मिली है कि सूर्यानेल्ली सामूहिक बलात्कार मामले में राज्यसभा के उपसभापति पी जे कुरियन के खिलाफ फिर से जांच का आदेश देने की कोई जरूरत नहीं है।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य लोक अभियोजक द्वारा सौंपी गयी कानूनी राय रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़िता केवल उन्हीं आरोपों को दोहरा रही है जो उन्होंने पहले लगाये थे। पीड़िता ने ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया है
जिसमें कोई नया खुलासा होता हो और कुरियन के खिलाफ फिर से जांच कराने की जरूरत पड़ती हो। रिपोर्ट के अनुसार ऐसी कोई भी सामग्री उपलब्ध नहीं है जिससे फिर से जांच की आवश्यकता पड़ती हो। केरल सरकार ने यह कानूनी राय इसलिए मांगी थी क्योंकि पीड़िता अपने इन आरोपों पर कायम है कि कुरियन उन लोगों में शामिल है जिन लोगों ने 1996 में कुमाली अतिथिगृह में उससे छेड़छाड़ की थी।
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