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रद्द हो सकता है यासीन मलिक का पासपोर्ट PDF Print E-mail
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Tuesday, 12 February 2013 20:55

नयी दिल्ली। जेकेएलएफ के प्रमुख यासीन मलिक का पासपोर्ट सरकार रद्द कर सकती है। मलिक ने अफजल गुरू को फांसी के विरोध में जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद के साथ मंच साझा किया। सईद मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था।
सुरक्षा एजेंसियां जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के नेता के पाकिस्तान से वापस लौटने पर उससे पूछताछ करेंगी । शीर्ष अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि मलिक का सईद के साथ मेलजोल ओैर पाकिस्तान जाकर भारत विरोधी राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होना सरकार को अच्छा नहीं लगा है ।
मलिक से पाकिस्तान में उसकी गतिविधियों को लेकर विस्तार से पूछताछ की जाएगी । इन गतिविधियों में सईद और भारत के हितों के खिलाफ काम कर रहे अन्य नेताओं से बैठक करना भी शामिल है ।
गृह राज्य मंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हम भलीभांति जांच कर रहे हैं । जब रिपोर्ट आएगी, हम मलिक के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे ।
विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि यदि गृह मंत्रालय मलिक के पासपोर्ट को जब्त करने या रद्द करने का आग्रह करती है तो सतर्कतापूर्वक तत्काल कार्रवाई की जाएगी ।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र दिये जाने के आधार पर पासपोर्ट जारी करते हैं । यदि मलिक का पासपोर्ट रद्द करने या जब्त करने का आग्रह किया जाता है तो हम तत्काल कार्रवाई करेंगे ।
उन्होंने कहा कि विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने के बाद मलिक को सीमित समय तक वैध रहने वाला पासपोर्ट जारी किया गया था ।
इस बीच सूत्रों ने बताया कि मलिक का पासपोर्ट मार्च के अंत में समाप्त हो जाएगा जबकि उसका महीने


भर का पाकिस्तानी वीजा सिर्फ 26 फरवरी तक वैध है ।
सूत्रों ने बताया कि भारतीय पासपोर्ट रखने वाला कोई व्यक्ति यदि भारत सरकार के किसी फैसले के खिलाफ विदेशी धरती पर हो रहे प्रदर्शनों और राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होता है तो स्पष्ट है कि यह पासपोर्ट नियमों का उल्लंघन है ।
जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और मलिक से होने वाली पूछताछ के आधार पर गृह मंत्रालय संभवत: विदेश मंत्रालय से सिफारिश करेगा कि उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया जाए और उसे फिर से पाकिस्तान जाने की इजाजत न दी जाए ।
मलिक और अन्य कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को आम तौर पर सीमित अवधि के पासपोर्ट जारी किये जाते हैं ।
यदि हुरिर्यत कांफ्रेंस के नरमपंथी अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक के बारे में लश्कर ए तय्यबा के संस्थापक एवं भारत के सर्वाधिक वांछित आतंकवादी हाफिज सईद से मुलाकात की खबरें सही पायी गयीं तो उसके खिलाफ भी वैसी ही कार्रवाई की जा सकती है, जैसी मलिक के खिलाफ होगी ।
सुरक्षा एजेंसियां उन रिपोटो’ का भी सत्यापन कर रही हैं, जिनमें कहा गया है कि मीरवाइज हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन से पाकिस्तान यात्रा के दौरान गोपनीय तरीके से मिला था ।
मलिक और मीरवाइज को भविष्य में फिर पाकिस्तान जाने से प्रतिबंधित किया जा सकता है । मलिक के सईद के साथ मंच साझा करने के बारे में सवाल करने पर गृह मंत्री सुशील कुमार शिन्दे ने कल कहा था कि वह इस मामले पर विचार करेंगे ।
कांग्रेस प्रवक्ता संदीप दीक्षित ने संप्रग सरकार से आग्रह किया है कि इस मुद्दे पर गौर करे । सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने इस घटनाक्रम को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया ।

 
 

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