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उदारवादी हुर्रियत ने अफजल की फांसी पर राजनीतिक दलों के रवैये की आलोचना की PDF Print E-mail
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Tuesday, 12 February 2013 17:56

श्रीनगर (भाषा)। हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी धड़े ने जम्मू कश्मीर में अफजल गुरु के मुद्दे पर मुख्यधारा के दलों के रवैये पर आलोचना की है। मीरवाइज उमर फारुक के नेतृत्व वाले हुर्रियत कांफ्रेंस के एक प्रवक्ता ने कहा कि अफजल गुरु को फांसी देने के राजनीतिक फैसले पर सहयोगी के तौर पर राज्य विधानसभा की पोल खोल चुकी है जब उसने जानबूझ कर उसे माफी दिये जाने संबन्धी प्रस्ताव को समर्थन नहीं देने का निर्णय किया।
प्रवक्ता ने कहा कि तमिलनाडु और पंजाब के विधायकों ने राजीव गांधी और बेअंत सिंह के हत्यारों


को फांसी दिए जाने पर अवरोध पैदा किया था, वहीं कश्मीर में मुख्यधारा के दलों ने न न तो एकजुट होने की राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई और न न ही उनमें संसद हमला मामले के दोषी अफजल गुरु को बचाने का साहस दिखा। 
उन्होंने कहा कि केन्द्र ने अफजल गुरु के शव को उनके परिजनों को नहीं सौंप कर न्याय के मूलभूत सिद्धांतों का ‘गला घोंट दिया’ है।
उन्होंने गुरु के शव और मकबूल भट के अवशेष को वापस करने की मांग की। भट को तिहाड़ जेल में 1984 में फांसी दी गयी थी।

 
 

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