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Tuesday, 12 February 2013 14:42 |
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नयी दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री आर के सिंह ने कहा कि यदि अफजल गुरू के परिवार के निकटतम सदस्य तिहाड जेल आकर अफजल की कब्र पर प्रार्थना करना चाहते हैं तो हमें कोई दिक्कत नहीं है।
केंद्र ने आज कहा कि अफजल गुरू के परिवार वालों को तिहाड जेल परिसर स्थित उसकी कब्र पर जाने दिया जाएगा हालांकि अफजल के परिवार वालों ने उसका शव देने की मांग की है । सिंह से सवाल किया गया था कि क्या अफजल के परिजनों को उसकी कब्र पर आकर प्रार्थना करने दिया जाएगा । तिहाड जेल के अधिकारी जल्द ही औपचारिक फैसला करेंगे कि अफजल के परिवार वालों को कब्र पर किस संभावित तारीख को आने दिया जाए। गृह सचिव ने कहा कि तिहाड जेल में अफजल की सभी वस्तुओं को उसके परिवार वालों को सौंपा जाएगा। कल केन्द्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिन्दे ने कहा था कि सरकार इस संबंध में अफजल के परिवार वालों के किसी भी आग्रह पर विचार करेगी । उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था, ‘‘ यदि वे : अफजल के परिवार वाले उसकी कब्र तक : जाना चाहते हैं तो उस पर विचार किया जा सकता है । अफजल के परिवार वालों ने इच्छा व्यक्त की है कि उन्हें अफजल की कब्र पर आकर फातिहा पढने और उसकी वस्तुओं को ले जाने की अनुमति दी जाए । इस बीच अफजल के परिजनों ने कहा है कि उनकी एकमात्र मांग यही है कि केन््रद सरकार उन्हें अफजल का शव सौंपे ताकि वे उसे कश्मीर घाटी में सोपोर स्थित उसके गांव में उचित ढंग से दफन कर सकें । सोपोर से अफजल के चचेरे भाई मोहम्मद यासीन ने कहा कि उनकी कोई और मांग नहीं है । बस वे
केवल इतना चाहते हैं कि अफजल का शव उन्हें सौंप दिया जाए । उन्होंने कहा कि परिवार वालों ने तिहाड जेल के अधिकारियों और बारामुला स्थित उपायुक्त को पत्र लिखा है कि अफजल का शव उन्हें सौंपा जाए । यासीन ने कहा कि जैसे ही अफजल को फांसी दिये जाने की खबर हमें मिली, हमने बारामुला के उपायुक्त और तिहाड जेल के अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा कि हमें उसका शव सौंपा जाए । अभी इन दोनों ही जगहों से जवाब की प्रतीक्षा है । यह कहे जाने पर कि परिवार वालों को तिहाड जाने की अनुमति दी जा रही है, यासीन ने कहा कि इसका कोई मतलब नहीं है । ‘‘ हम फातिहा कहां पढेंगे ? हम उसे : अफजल को : यहीं : सोपोर में : दफन करना चाहते हैं । ’’ इन खबरों पर कि अफजल के परिवार वालों को उसकी कब्र तक ले जाने के लिए विमान से दिल्ली पहुंचाया जा सकता है, यासीन ने कहा कि यदि ऐसे हालात बनते हैं तो परिवार वाले खुद ही जाएंगे । उन्होंने कहा कि हमें सरकार से कोई उदारता नहीं चाहिए । हम केवल यही चाहते हैं कि हमें अफजल का शव सौंपा जाए । तिहाड जेल के अधिकारियों द्वारा अफजल की फांसी को लेकर परिवार वालों को सूचित करने के लिए भेजा गया पत्र कल मिलने को यासीन ने ‘ क्रूर मजाक ’ बताया । उन्होंने पत्र के कल मिलने को परिवार वालों के जख्मों पर नमक छिडकने जैसा बताया, ऐसा जख्म जो कभी भर नहीं सकता । उन्होंने आरोप लगाया कि देश के नेता अफजल की मौत पर राजनीति कर रहे हैं । अफजल को फांसी दी गयी, चाहे सही हो या गलत । हम उसमें नहीं जाना चाहते लेकिन राजनीतिकों को इस मुद्दे पर राजनीति बंद करनी चाहिए ।
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Last Updated on Tuesday, 12 February 2013 21:25 |