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Monday, 11 February 2013 18:25 |
नयी दिल्ली। उमर अब्दुल्ला की उन बातों को आज खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि अफजल गुरु को फांसी दिया जाना चयनात्मक था। केंद्र ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारों का मामला अलग है।
गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि अफजल को फांसी दिया जाना राजनैतिक फैसला नहीं है बल्कि नियमों के अनुसार किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘राजीव गांधी और मुख्यमंत्री के प्रकरण में मामले अब भी उच्चतम न्यायालय में लंबित हैं। :दया याचिकाएं: खारिज किए जाने के बाद मद्रास उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में मामले दायर किए गए थे।’’
/>उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ये मामले अब भी न्यायपालिका के समक्ष विचाराधीन हैं। इसलिए यह :अफजल का: मामला उन मामलों से अलग है।’’ शिंदे उस सवाल का जवाब दे रहे थे कि सरकार ने अफजल गुरु को फांसी देने में जल्दबाजी दिखाई जबकि गांधी और सिंह के हत्यारों को विकल्प दिया। उमर ने कल यह भी कहा था कि कश्मीरियों और दुनिया के समक्ष इस बात को साबित करना होगा कि अफजल गुरु को फांसी चयनात्मक नहीं थी। उमर ने कहा था कि अगर संसद पर हमला लोकतंत्र के प्रतीक पर हमला है तो क्या किसी मुख्यमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री पर हमला लोकतंत्र पर हमला नहीं है। (भाषा)
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Last Updated on Monday, 11 February 2013 18:38 |