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Monday, 11 February 2013 17:51 |
इलाहाबाद। इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर कल मची भगदड़ के कारण ों की जांच के लिए गठित जांच समिति को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
यह बात आज उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने कही। उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश राजस्व बोर्ड के अध्यक्ष जगन मैथ्यूज की अध्यक्षता वाली समिति को उन घटनाओं के क्रम को देखने को कहा गया है जिससे भगदड़ मची। साथ ही भीड़ का प्रबंधन करने के लिए तैनात अधिकारियों की तरफ से कोई चूक हुई हो तो उसे रेखांकित करने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को सुझाने को कहा गया है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि फिलहाल न्यायिक जांच के विकल्प पर विचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि जांच समिति पर्याप्त सक्षम है और फिलहाल हम न्यायिक जांच की आवश्यकता महसूस नहीं करते।’’ कल मची भगदड़ में मरने वाले 36 लोगों में से 22 के शवों का पोस्टमार्टम किया जा चुका है। 10 शवों को अंतिम संस्स्कार के लिए उनके परिजनों को सौंप दिया गया
है जबकि 14 पीड़ितों की पहचान की जानी अभी बाकी है। मुख्य सचिव ने कहा कि इसके अतिरिक्त 39 लोगों का शहर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है और बताया जाता है कि उनमें से कुछ की हालत गंभीर है। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक आलोक जौहरी ने कहा कि कुल 1.62 लाख यात्री कल मौनी अमावस्या के अवसर पर 193 ट्रेनों के जरिए शहर से बाहर जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला के 55 वें दिन 34 लाख यात्रियों के आवागमन से निपटने की व्यवस्था की गई थी। खासतौर पर इस उद्देश्य के लिए कई विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मौनी अमावस्या के आस-पास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने को ध्यान में रखते हुए 10 से 13 फरवरी के दौरान कुल 135 ट्रेन चलाए जाने का कार्यक्रम था। उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री बलराम सिंह यादव और उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी दुर्गा प्रसाद यादव ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार घायलों को सर्वश्रेष्ठ संभव इलाज प्रदान करने और शवों को तुरंत उनके परिजनों को सौंपने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए समूचे राज्य से बसें चलाई जा रही हैं। (भाषा)
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