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Monday, 11 February 2013 10:57 |
बंगलूर। बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस गरीबी उन्मूलन व अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग में बेरोजगारी दूर करने में नाकाम रही है जिस वजह से कई लोग नक्सली बन रहे हैं।
मायावती ने यहां बसपा के दक्षिणी जोन सम्मेलन में कहा,‘आजादी के बाद सबसे अधिक समय तक देश पर शासन करने के बाद भी कांग्रेस गरीबी उन्मूलन व अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग में बेरोजगारी दूर करने में नाकाम रही है। इस वजह से कई लोग नक्सली बन रहे हैं या गलत रास्ता पकड़ रहे हैं।’ उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि कांग्रेस इन वर्गों का ‘सामाजिक या आर्थिक दर्जा’ नहीं बदल सकी है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह औद्योगिक घरानों के हाथों में खेल रही है। मायावती ने कहा कि आदिवासियों को वनों में उनके पारंपरिक ठिकानों से विस्थापित किया जा रहा है, उनकी भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है और उन्हें काफी कम दाम पर बड़े औद्योगिक घरानों को बेचा
जा रहा है। मायावती ने कहा कि औद्योगिक घरानों को संतुष्ट करने के बदले सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिससे आम लोगों को फायदा हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग को संविधान में प्रदत्त आरक्षण को ‘नष्ट’ कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आरक्षण श्रेणी में अन्य जातियों को शामिल किए जाने से इसके प्रावधान प्रभावित हुए हैं। मायावती ने कहा कि बसपा ऊंची जाति में गरीबों और धार्मिक अल्पसंख्यकों को लेकर चिंतित है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने आरक्षण संबंधी उनके अनुरोधों पर जवाब नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा के शासन काल की गलत नीतियों के कारण भ्रष्टाचार सहित विभिन्न समस्याएं पैदा हुई हैं। अलग तेलंगाना राज्य की मांग का समर्थन करते हुए बसपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे पार्टी को केंद्र और राज्यों में सत्तारूढ़ करें। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग का बल्कि धार्मिक अल्पसंख्यकों और ऊंची जाति के गरीबों का भी समग्र विकास होगा। (भाषा)
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