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Monday, 11 February 2013 10:27 |
मीर अहसान, श्रीनगर। अफजल गुरु को सूली पर चढ़ाने के बाद केंद्र की तरफ से कहा गया कि मौत की सजा दिए आरोपी के रिश्तेदारों को दो खत स्पीड पोस्ट के जरिए भेजे गए थे।
सरकार के मुताबिक, सात और आठ फरवरी को भेजे इस खत में गुरु के परिवार वालों को जानकारी दी गई थी कि उसकी दया याचिका खारिज कर दी गई है और उसे फांसी दी जाएगी। लेकिन बारामूला के डाक अधिकारी जहां गुरु की पत्नी तब्बसुम रहती हैं का कहना है कि उन्हें अभी तक ऐसा कोई भी खत नहीं मिला है। सोपोर जहां गुरु के भाई एजाज अहमद रहते हैं वहां के डाक विभाग ने भी पुष्टि की है कि वे अभी इस खत के इंतजार में हैं। डाक विभाग के सोपोर की शाखा के डाकिया गुलाम अली शेख ने कहा कि अफजल
गुरु को लेकर भेजे गए खत के बारे में मुझसे कई वरिष्ठ अधिकारी पूछताछ कर चुके हैं। लेकिन यहां अभी तक चिट्ठी नहीं पहुंची है। एजाज सोपोर के दोबाग में रहते हैं जहां की चिठ्ठी पहुंचाने की जिम्मेदारी शेख की है। शेख ने कहा कि स्थानीय डाकियों के इंजार्ज ने भी पुष्टि की है कि गुरु के परिवार वालों को चिट्ठी नहीं मिली है। बारामूला के डाक विभाग ने भी कहा कि ऐसी कोई चिट्ठी अफजल गुरु की पत्नी के सुपुर्द नहीं की गई है। स्थानीय डाकिया मोहम्मद इब्राहिम ने कहा कि मैंने तब्बसुम के नाम का कोई स्पीड पोस्ड नहीं पहुंचाया है। जब इस बाबत जम्मू कश्मरी के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल जॉन सैमुअल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आम तौर पर स्पीड पोस्ट के जरिए भेजे गए खत को पहुंचने में तीन दिन का समय लगता है।
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Last Updated on Monday, 11 February 2013 11:29 |