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Saturday, 09 February 2013 16:18 |
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जयपुर (भाषा)। अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती दरगाह के दीवान जैनुल आबेदिन अली खान ने संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी दिए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि यह देरी से लिया गया अच्छा कदम है।
खान ने कहा कि अफजल गुरू को फांसी दिए जाने से विश्व में भारत की
पहचान आतंकवाद के खिलाफ और अच्छी बनी है। उन्होंने पाकिस्तान में जेल में बंद भारतीय नागरिक सरबजीत की तुरंत रिहाई की मांग करते हुए कहा कि सरबजीत की रिहाई को आतंकवाद से नहीं जोड़ा जाना चाहिए । सरबजीत का मामला गलत पहचान से जुड़ा हुआ है । दरगाह दीवान ने कहा कि पाकिस्तान को सरबजीत को तुरंत रिहा कर देना चाहिए ।
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Last Updated on Saturday, 09 February 2013 17:15 |