मुखपृष्ठ
Bookmark and Share
‘परस्पर सहयोग के दायरे में प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं भारत, चीन’ PDF Print E-mail
User Rating: / 0
PoorBest 
Thursday, 07 February 2013 09:50

नयी दिल्ली (भाषा)। कांग्रेस के नेता मणि शंकर अय्यर ने आज कहा कि भारत और चीन को एक-दूसरे से सीखना चाहिए और ‘परस्पर सहयोग’ के दायरे में रहते हुए भी :दोनों के बीच: प्रतिस्पर्धा हो सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत के साथ विदेश नीति में चीन ने संतुलन कायम किया है । परस्पर सहयोग के दायरे में रहते हुए आपस में प्रतिस्पर्धा के लिए काफी अवसर हैं ।’’
राज्यसभा सदस्य व पूर्व केन्द्रीय मंत्री अय्यर पी. एस. देवधर की पुस्तक ‘चीनस्थान टुडे - व्यूईंग चाइना फॉर्म इंडिया’ के विमोचन


के मौके पर बोल रहे थे ।
उन्होंने कहा कि भारत और चीन दोनों को साथ में शांतिपूर्ण तरीके से रहने और एक-दूसरे से सीखने की जरूरत है ।
उन्होंने कहा कि विकासशील देशों को दो मुख्य चीजों की जरूरत है... पहला भारत की भांती लोकतंत्र और दूसरा विकास जो चीन के पास है । अगर कोई ऐसा तरीका है जिससे हम इन दोनों का भारत और चीन में एक बेहतर विकसित लोकतंत्र के निर्माण में उपयोग कर सकते हैं तो मुझे लगता है कि भविष्य हमसे होगा ।

 
 

आप की राय

क्या दिल्ली पुलिस की तफ्तीश आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग के मास्टर माइंड तक पहुंच पाएगी?