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Tuesday, 05 February 2013 20:43 |
बेंगलूर। पूर्व मुख्यमंत्री और केजेपी नेता बी एस येदियुरप्पा को राहत देते हुए कर्नाटक उच्च न्यायालय ने उनके खिलाफ भूमि पर कब्जा करने संबंधी शिकायत निरस्त कर दी।
न्यायमूर्ति के एन केशवनारायण ने येदियुरप्पा और अन्य द्वारा भद्र सुरक्षित वन में कथित तौर पर जमीन का अतिक्रमण करने वाली शिकायत को इस आधार पर खारिज कर दिया कि यह बेंगलूर के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। अदालत ने कहा, ‘‘भूमि शिमोगा में स्थित है। लेन-देन शिमोगा में हुआ है। सभी आरोपियों का पता शिमोगा में
है।’’ अदालत ने हालांकि शिमोगा के वकील और प्रतिवादी विनोद बी को शिमोगा में लोकायुक्त अदालत के समक्ष अपनी शिकायत दोबारा रखने की छूट दे दी है। अदालत परिसर के बाहर पीटीआई से बातचीत में विनोद ने कहा, ‘‘हम बेंगलूर में लोकायुक्त अदालत के समक्ष आवेदन दायर सारे दस्तावेज लौटाने का अनुरोध करेंगे ताकि इसे शिमोगा में लोकायुक्त अदालत में दाखिल किया जा सके।’’ येदियुरप्पा, उनके पुत्र बी वाई राघवेंद्र और पांच ‘बेनामीदारों’ ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर इसे निरस्त करने की मांग की थी। (भाषा)
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