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विहिप ने भी की मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित करने की मांग PDF Print E-mail
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Monday, 04 February 2013 10:26

नई दिल्ली/भोपाल। ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा पर नरेंद्र मोदी को अगले चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने के लिए संघ परिवार की ओर से दबाव डाला जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने इस पद के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा करने की मांग की है। भाजपा प्रमुख राजनाथ सिंह ने रविवार को मोदी को बेहद सक्षम और लोकप्रिय नेता करार दिया जबकि विहिप ने खुले तौर परउनका नाम पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में घोषित करने की मांग उठाई। बहरहाल, राजनाथ ने माना कि इस सयम किसी ऐसे उम्मीदवार को तय करना मुश्किल है जो पूरे राजग को स्वीकार्य हो। वे इस बात पर कायम रहे कि इस बारे में फैसला पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड में किया जाएगा। उधर, जद (एकी) जैसे राजग के घटक दलों ने संकेत दिया है कि मोदी का नाम उन्हें स्वीकार्य नहीं है।
पिछले हफ्ते राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद विहिप नेता अशोक सिंघल ने रविवार को खुलकर कहा कि पार्टी को मोदी का नाम प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के तौर पर घोषित कर देना चाहिए। सिंघल ने कहा कि अगर हर तरफ से मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बनाने की मांग उठ रही है तो भाजपा को भी इस बारे में विचार करना चाहिए। इस तरह की बात पहली बार हो रही है। आखिरकार भाजपा अध्यक्ष खुद कह चुके हैं कि फिलहाल मोदी सबसे लोकप्रिय नेता हैं।
इस बात की खबरें हैं कि विहिप और संघ परिवार से संबंधित कुछ हिंदू धार्मिक समूह इलाहाबाद में चल रहे कुंभ मेले में पांच-छह फरवरी को होने वाले सम्मेलन में मोदी की उम्मीदवारी के बारे में कुछ विचार विमर्श कर सकते हैं। भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह के छह फरवरी को कुंभ मेले में प्रस्तावित दौरे ने अफवाहों के बाजार को गर्म किया है। बहरहाल, सिंह ने कहा कि वे इस तरह के किसी घटनाक्रम से अवगत नहीं हैं। वे तो सिर्फ पवित्र स्नान के लिए इलाहाबाद जा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि मोदी भी कुंभ में जा सकते हैं लेकिन अभी तक कार्यक्रम को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। भाजपा सूत्रों ने इन खबरों से इनकार किया कि पार्टी बहुत जल्द मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर सकती है। इन अफवाहों पर राजग के


घटक दल जद (एकी) ने कड़ी आपत्ति जताई है। जद (एकी) प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने कहा कि कौन प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनेगा या कौन सा राजनीतिक दल किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा, यह राजनीतिक दल तय करते हैं। मैं यह समझ नहीं पा रहा कि यह निर्णय साधु संत या धार्मिक अखाड़े कैसे कर सकते हैं। हम अपनी राजनीति को कहां ले जा रहे हैं। अगर धार्मिक नेता इसे तय करेंगे तो यह पूरी तरह से दिवालियापन है।
भोपाल में संवाददाता सम्मेलन के दौरान राजनाथ से यह कई बार पूछा गया कि भाजपा मोदी का नाम घोषित करने से क्यों कतरा रही है तो उन्होंने कहा कि पार्टी की यह परंपरा रही है कि ऐसे मुद्दे केंद्रीय संसदीय बोर्ड में तय होते हैं। उन्होंने ध्यान दिलाया कि 2009 के चुनाव से पहले केंद्रीय संसदीय बोर्ड ने ही लालकृष्ण आडवाणी को भाजपा का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार चुना था। उन्होंने कहा कि आप अब यह क्यों चाहते हैं कि इस परंपरा को बदला जाए।
मोदी को बेहद सक्षम और लोकप्रिय नेता करार देने के साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा में ऐसे अच्छे नेताओं की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस समय ऐसे किसी नेता का नाम लेना मुश्किल है जो भाजपा और पूरे राजग को स्वीकार्य हो।
भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री प्रत्याशी कौन होगा, पार्टी उपयुक्त समय पर इसका फैसला और घोषणा करेगी।
राजनाथ से जब यह पूछा गया कि क्या अटल बिहारी वाजपेयी जैसा कोई नेता है जो पार्टी या सहयोगी दलों में समान रूप से स्वीकार्य हो तो उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई दो लोग एक समान नहीं हो सकते। उन्होंने कहा वे चाहेंगे कि 2014 के आम चुनाव के बाद भाजपा अपने बूते पर सत्ता में आए। लेकिन अगर हम अपने बूते सत्ता में आए तो भी हम अपने सहयोगियों को नहीं भूलेंगे, जिनके साथ हमने चुनाव लड़ा है।
बाद में सिंघल ने इलाहाबाद में कहा कि संगठन मोदी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में घोषित करने का प्रस्ताव पारित कर अपना सम्मान एवं सीमाओं का उल्लंघन नहीं करेगा। हालांकि विहिप यह तय नहीं करेगा कि कौन प्रधानमंत्री बने। निश्चित तौर पर मोदी की लोकप्रियता को लेकर कोई दो राय नहीं है। लेकिन हम राम जन्मभूमि जैसे मुद्दों को लेकर चिंतित हैं और हमारा प्रस्ताव इसी बारे में होगा।

 
 

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