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Friday, 01 February 2013 18:19 |
नयी दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली पुलिस से आज पूछा कि ‘‘हिंदू आतंकवाद’’ पर केन्द्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंद की टिप्पणी पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने वाली एक शिकायत उसने क्या कार्रवाई की।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विप्लव डबास ने पुलिस को छह फरवरी तक कार्रवाई रिपोर्ट :एटीआर: दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने आरटीआई कार्यकर्ता विवेक गर्ग की शिकायत पर आदेश पारित किया है। इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शिंदे ने ‘‘राष्ट्रीय अखंडता के प्रतिकूल लांछन लगाए, हिंदुओं की धार्मिक भावना को जान-बूझ कर आहत करने, उन्हें बदनाम करने, और उनकी धार्मिक आस्थाओं और विश्वासों का अपमान करने की मंशा से शब्द कहे।’’ शिकायत में केन्द्रीय गृहमंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने ‘‘धर्म के आधर पर विभिन्न समूहों के बीच
वैमनस्य को बढ़ावा देने और धार्मिक दंगे की मंशा से अकारण उकसाने’’ के आरोपों के तहत भी शिंदे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। गर्ग के वकील अजय गोयल ने अदालत से कहा कि ‘‘शिंदे ने जानबूझ कर, दुर्भावनापूर्ण तरीके से और बिना किसी कानूनी अधिकार के, दुराशय मंशा से जानबूझकर हिंदुओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की जो अखबारों में व्यापक रूप से प्रकाशित हुयी और जिसे दुनिया भर में यहां तक इंटरनेट पर अनगिनत लोगों ने पढ़ा।’’ केन्द्रीय गृहमंत्री के बयान पर लश्कर-ए-तैयबा संस्थापक हाफिज सईद की टिप्पणियों की चर्चा करते हुए शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उनकी टिप्पणियों ने ‘‘अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों को बढ़ावा दिया है।’’ गर्ग ने शिंदे पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केन्द्रीय गृहमंत्री होने के नाते शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है। (भाषा)
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