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Friday, 01 February 2013 13:25 |
चेन्नई। कमल हासन की फिल्म ‘विश्वरूपम’ पर बढ़ते विवाद के बीच तमिलनाडु सरकार ने आज कहा कि फिल्म निर्माताओं को ‘‘डैम 999’’ जैसी फिल्म बनाते समय लोगों की भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए।
इसने कहा कि ‘‘लोगों की सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा ।’’ तमिलनाडु विधानसभा के साल के पहले सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल के. रोसैया ने कहा कि ‘‘डैम 999’’ जैसी संवेदनशील फिल्मों के रिलीज पर सरकार द्वारा समय रहते प्रतिबंध लगाए जाने से कानून व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को टाल दिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘शांति के लिए खतरा पैदा करने वाली डैम 999 जैसी फिल्मों के प्रदर्शन पर समय रहते रोक लगाए जाने से राज्य के सामने पैदा होने वाली कानून व्यवस्था से जुड़ी संभावित गंभीर समस्याओं को टाल दिया गया है । मैं फिल्म निर्माताओं से आग्रह करता हूं कि उन्हें ऐसी फिल्में बनाते समय लोगों की भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए।’’ उच्चतम न्यायालय ने केरल के साथ
मुल्लापेरियार बांध विवाद के मद्देनजर सोहन राय के निर्देशन वाली फिल्म ‘डैम 999’ पर प्रतिबंध लगाए जाने के तमिलनाडु सरकार के प्रतिबंध को कायम रखा था। राज्यपाल की घोषणा कमल हासन की फिल्म ‘विश्वरूपम’ पर रोक लगाए जाने का मुख्यमंत्री जयललिता द्वारा बचाव किए जाने के एक दिन बाद आई है। मुस्लिम संगठन यह कहकर ‘विश्वरूपम’ का विरोध कर रहे हैं कि इसके कुछ दृश्य उनके समुदाय के खिलाफ हैं । जयललिता ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा था कि यदि हासन और मुस्लिम संगठन एक साथ बैठते हैं तो विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकल सकता है । तमिल, तेलुगू और हिन्दी में बनी ‘विश्वरूपम’ पहले 25 जनवरी को प्रदर्शित होने वाली थी । राज्यपाल ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ‘‘सांप्रदायिक भावनाओं से खिलवाड़ की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगी ।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जमीन कब्जाने वालों, समाज विरोधी तत्वों और सामाजिक ढांचे को नुकसान पहुंचाने वाले संगठनों से सख्ती से निपटा गया है ।’’ (भाषा)
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