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Thursday, 31 January 2013 20:32 |
नयी दिल्ली । नियंत्रण रेखा पर तनाव कम होने के बावजूद रक्षा मंत्री ने आज जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के साथ रिश्ते जल्दबाजी में सामान्य नहीं होने चाहिए।
रक्षामंत्री एके एंटनी ने इस संबंध में ‘देखो और इंतजार करो’ का रवैया अपनाने की वकालत की और कहा कि सतर्कता को कम नहीं किया जा सकता। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘डीजीएमओ स्तर की दूसरे दौर की वार्ता के बाद नियंत्रण रेखा पर तनाव कम हुआ है, हम अपने सुरक्षाबलों की संख्या कम नहीं कर सकते और हमें चौबीसों घंटे सतर्क रहना होगा।’’ एंटनी ने कहा, ‘‘हमें किसी भी तरह की स्थिति का सामना करने के लिए सभी ऐहतियाती कदम उठाने हैं और हम सभी को सलाह दे रहे हैं कि :रिश्ते: सामान्य बनाने को लेकर जल्दबाजी मत करो। आप देखें और इंतजार करें और इसके बाद ही आगे का कदम उठाएं। यह हमारा रूख है।’’ आठ जनवरी को दो भारतीय जवानों लांस नायकों हेमराज तथा सुधाकर सिंह की जम्मू कश्मीर की मेंढर सेक्टर में निर्मम हत्या के बाद
नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ गया था। एंटनी ने पाकिस्तानी सेना द्वारा भारत और पाकिस्तान के लिये बने संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह को दी शिकायतों में किये गये इन दावों को भी खारिज किया कि उसके कई सैनिकों को पिछले 15 वर्षों में भारतीय सेना द्वारा गला काटकर हत्या की गई है। इस मुद्दे पर उन्होंने कहा, ‘‘पूरी तरह से बेबुनियाद।’’ खबरों में कल कहा गया था कि पाकिस्तानी सेना ने संयुक्त राष्ट्र के इस समूह से शिकायतें की जिसके बाद भारतीय सेना ने 1972 शिमला समझौते पर हस्ताक्षर के बाद संयुक्त राष्ट्र की इस समूह की प्रासंगिकता पर सवाल उठाये थे। सेना के प्रवक्ता कर्नल जे दहिया ने कहा था कि वर्ष 1972 शिमला समझौते के बाद संयुक्त राष्ट्र की इस संस्था की प्रासंगिकता खुद ही सवालों के घेर में है। चीन द्वारा ब्रहमपुत्र नदी पर तीन बांध बनाने संबंधी खबरों पर एंटनी ने कहा कि हमें अभी वास्तविक स्थिति पता नहीं चली है। इसलिए इस समय मेरी प्रतिक्रिया जल्दबाजी होगी। हम विस्तृत जानकारी का इंतजार करेंगे और फिर सरकार सुविचारित दृष्टिकोण अपनाएगी। (भाषा)
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