|
Thursday, 31 January 2013 18:25 |
नयी दिल्ली (भाषा)। अलग तेलंगाना राज्य के गठन की जोरदार वकालत करते हुए राकांपा प्रमुख शरद पवार ने आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कहा कि इस मामले में विलंब मददगार नहीं होगा।
राकांपा प्रमुख ने आज कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री के समक्ष इस मुद्दे को उठाया। राकांपा संप्रग का पहला घटक दल है जिसने तेलंगाना पर शीघ्र फैसले का खुले तौर पर समर्थन किया है और इस संबंध में शीघ्र संप्रग की बैठक होने की उम्मीद कर रहा है। संवाददाताआें से बातचीत में पवार ने जोर दिया कि कांग्रेस ‘‘आम तौर पर तेलंगाना समर्थक’ है। पवार ने कहा, ‘‘सवाल :अलग राज्य का गठन: समय की बात है। हम यथाशीघ्र तेलंगाना का गठन चाहते हैं। इसमें विलंब हमारे लिए मददगार नहीं होगा।’’ केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से अलग तेलंगाना राज्य का समर्थक है और उसने कुछ साल पहले टीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव के साथ रैली भी की थी। पवार ने कहा कि अगर विदर्भ
क्षेत्र भी एक अलग राज्य बन जाता है तो राकांपा को कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘हम राह में नहीं आएंगे।’’ पवार की पार्टी महाराष्ट्र में कांग्रेस नीत गठबंधन का हिस्सा है। यह पूछे जाने पर कि क्या इस महीने से शुरू हो रहा संसद का बजट सत्र तेलंगाना पर फैसले में विलंब का कारण है तो उन्होंने इसके प्रति अनभिज्ञता जाहिर की। राकांपा प्रमुख का बयान कांग्रेस के उस बयान के बाद आया है जिसमें उसने कहा था कि वह तेलंगाना के गठन के खिलाफ नहीं है और फैसला लेने की प्रक्रिया में है। पार्टी प्रवक्ता पी सी चाको ने कल कहा था, ‘‘कांग्रेस अलग तेलंगाना राज्य के गठन के खिलाफ नहीं है। हम फैसला करने की प्रक्रिया में हैं लेकिन औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।’’ तेलंगाना से कांग्रेस के सांसदों ने धमकी दी है कि अगर अलग राज्य के गठन के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए जाते हैं तो वे लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को अपना इस्तीफा भेज देंगे।
|