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Thursday, 31 January 2013 15:58 |
नयी दिल्ली (भाषा)। दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को नाबालिग लड़की से पिछले साल थाने में छह पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार करने के मामले की जांच पर गौर करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने यह निर्देश आरोपी की पहचान हेतु कदम नहीं उठाने के लिए पुलिस को लताड़ लगाने के दौरान दिया। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मनीष यदुवंशी ने कहा, ‘‘मैंने पाया कि जांच अधिकारी ने घटना की तारीख को संबद्ध थाने में मौजूद पुलिस अधिकारियों की पहचान के संबंध में कदम नहीं उठाए हैं।’’ उसने कहा कि यद्यपि इस मामले में बलात्कार के अपराध के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई थी लेकिन किसी भी आरोपी के खिलाफ इस प्रावधान के तहत आरोप पत्र दायर नहीं किया गया। अदालत ने यह आदेश पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी की नाबालिग
लड़की से बलात्कार के मामले में दिया जिसे तस्करी के जरिए आरोपी गीता लकड़ा :24: और जवाहर लकड़ा :22: दिल्ली लाये थे। प्राथमिकी के अनुसार लकड़ा ने लड़की को दिल्ली आने पर मजबूर किया था और उसे तीसरे आरोपी गुल मोहम्मद :40: को सौंप दिया था। इस लड़की को गुल मोहम्मद के यहां काम करना था। लड़की ने आरोप लगाया था कि एक दिन वह कार्यालय से भाग गई और जेपीएन स्टेशन के निकट पहुंची। जेपीएन स्टेशन आईपी एस्टेट थाना के अंतर्गत आता है जहां छह पुलिसकर्मियों ने उसके मुंह और आंख पर पट्टी बांध दी और उसका यौन उत्पीड़न किया। एक स्थानीय व्यक्ति ने उसे बाल कल्याण आयोग को सौंपा था। इसके बाद आयोग ने ही पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर उनसे बलात्कार और अपहरण का मामला दर्ज करने का अनुरोध किया था।
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