|
Wednesday, 30 January 2013 12:06 |
पटना। संसद के आगामी सत्र में कठोर लोकपाल विधेयक लाने के कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी के पत्र को कोरा आश्वासन करार देते हुए समाजसेवी अण्णा हजारे ने मंगलवार को कहा कि सरकार में बैठे लोग दो साल से केवल धोखाधड़ी कर रहे हैं।
यहां जनतंत्र रैली में भाग लेने के लिए आए अण्णा हजारे ने सोनिया गांधी के पत्र के बारे में पूछे जाने पर संवादददाताओं से कहा- ऐसे पत्र बीते दो साल से आ रहे हैं। पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लिखा, सोनिया गांधी ने भी लिखा। वे जनता से केवल धोखाधड़ी कर रहे हैं। दो साल से कोरा आश्वासन दे रहे हैं। अण्णा ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों की मंशा साफ नहीं है। जनलोकपाल लाना होता तो यह काम केवल संसद के एक या दो सत्र से हो जाता। वे भ्रष्टाचार के सफाए के प्रति गंभीर नहीं हैं। कांग्रेस के राहुल गांधी को पदोन्नति के सवाल पर अण्णा ने कहा- कांग्रेस हो या कोई अन्य सब एक हैं। सब भाई भाई हैं। अण्णा हजारे ने केंद्र की यूपीए सरकार पर हमला बोलते हुए कहा- वे बार बार कह रहे हैं कि अभी जनलोकपाल ला रहे हैं। हजारे ने कहा कि वे बिहार से दोबारा व्यवस्था परिवर्तन के आंदोलन की शुरुआत कर रहे हैं, क्योंकि यह पवित्र धरती है। यहां से महात्मा गांधी, जयप्रकाश नारायण ने बिगुल फूंका था। यह धरती गौतम बुद्ध की धरती है। गांधीवादी नेता ने कहा- यह प्रेरणादायी धरती है, क्योंकि चंपारण से गांधी ने आजादी के आंदोलन की शुरुआत की और जेपी ने संपूर्ण क्रांति का आंदोलन किया। मैं गांधी और जयप्रकाश के व्यवस्था परिवर्तन के अधूरे सपने को पूरा
करने आया हूं। शरीर में जबतक प्राण है मैं इस अभियान में लगा रहूंगा। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में केवल सत्ता परिवर्तन हुआ था उससे प्रेरणा लेते हुए वह व्यवस्था परिवर्तन की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा- हम जनलोकपाल की मांग कर रहे हैं। इसके बाद जनप्रतिनिधियों को वापस बुलाने का अधिकार, ग्राम सभा और वार्ड सभाओं को अधिकार देने की मांग और सत्ता के विकेंद्रीकरण की मांग करते हुए व्यवस्था परिवर्तन की कोशिश में लगे हैं। उन्होंने कहा कि पटना की जनतंत्र रैली के बाद फरवरी में वे चार राज्यों में सभाएं करेंगे और उसके बाद मार्च महीने में हर राज्य में जाएंगे और सबको जगाएंगे। देश में 120 करोड़ लोग हैं, अगर डेढ़ साल कोशिश करेंगे तो छह करोड़ लोग कम से कम जाग जाएंगे। जनता सरकार के नाक में दम कर देगी। जेपी के संपूर्ण क्रांति आंदोलन से निकले उनके वर्तमान अनुयायियों की ओर परोक्ष तौर पर संकेत करते हुए हजारे ने उन्हें आड़े हाथ लेते हुए कहा- जेपी को पता नहीं था कि वे बदल जाएंगे और धोखाधड़ी करेंगे। अपने पूर्व सहयोगी और कोर कमेटी के पूर्व सदस्य अरविंद केजरीवाल के आंदोलन में कमी के बारे में पूछे जाने पर अण्णा हजारे ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। हालांकि, उन्होंने कहा-सब लोग अपने अपने तरीके से अपना काम कर रहे हैं। केजरीवाल और मेरे बीच में कोई मतभेद नहीं हैं। इस अभियान में मैं जांच परखकर सच्चे लोगों को ही साथ लेकर चल रहा हूं। बिहार में भ्रष्टाचार के बारे में अण्णा ने कहा- एक एक जगह के भ्रष्टाचार की बात कहने से नहीं होगा। व्यवस्था परिवर्तन करना होगा और जनलोकपाल होने से यह होगा। (भाषा)।
|