|
Tuesday, 29 January 2013 19:56 |
|
नयी दिल्ली । कांग्रेस नेता अलका लांबा ने बलात्कार पर कहा कि हमें या तो अरब देशों का अनुकरण करना चाहिए।
जहां सख्त सजा का प्रावधान है या हमें वेश्यावृत्ति को वैध बना देना चाहिए जैसा कई देशों में है।’’
किशोर न्याय बोर्ड द्वारा दिल्ली में 16 दिसंबर को हुयी सामूहिक बलात्कार की घटना के छठे आरोपी को नाबालिग ठहराए जाने के एक दिन बाद कांग्रेस नेता अलका लांबा ने आज मांग की कि उसकी आयु की जांच के लिए उसका हड्डी परीक्षण कराया जाना चाहिए।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दाखिल आरोप पत्र में इस छठे आरोपी की हरकत को सर्वाधिक बर्बर बताया है। बोर्ड ने कल कहा था कि छठे आरोपी की उम्र 17 साल, छह महीना और 24 दिन है। बोर्ड ने आरोपी के जन्म प्रमाण पत्र और स्कूली दस्तावेजों पर भरोसा करते हुए यह घोषणा की थी। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति सचिव ने औद्योगिक निकाय एसोचैम की महिला प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘ हड्डी घनत्व परीक्षण क्यों नहीं स्वीकार किया गया? कई बार स्कूली प्रमाण पत्र प्रामाणिक नहीं होते। कई ऐसे उदाहरण हैं जब अभिभावक अपने बच्चे का दाखिला कराने के लिए जन्मतिथि बदल देते हैं...। ऐसे में आयु की जांच के लिए हड्डी घनत्व परीक्षण कराया जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि आयु निर्धारित करने के लिए मौजूदा वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए क्योंकि सबसे छोटे
आरोपी का अपराध अक्षम्य है। उन्होंने कहा कि उम्र को नजरअंदाज करते हुए उसके खिलाफ अपराधी के रूप में सुनवाई होनी चाहिए। न्यायमूर्ति जे एस वर्मा समिति की सिफारिशों पर निराशा जताते हुए लांबा ने कहा कि बलात्कार के आरोपियों के लिए मृत्युदंड और बंध्याकरण आदि की सिफारिशें नहीं की गयी हैं। प्रदर्शनकारियों की ऐसी मांगें थीं। उन्होंने कहा, ‘‘ हमें या तो अरब देशों का अनुकरण करना चाहिए जहां सख्त सजा का प्रावधान है या हमें वेश्यावृत्ति को वैध बना देना चाहिए जैसा कई देशों में है।’’ लांबा ने उम्मीद जतायी कि समिति की सिफारिशों को लागू करने में राज्य सरकारें गंभीर कदम उठाएंगी। उनकी राय से सहमति जताते हुए एसोचैम लेडीज लीग ग्लोबल अध्यक्ष हरबीन अरोड़ा ने कहा, ‘‘ हम चाहते हैं कि किशोर आरोपी की सुनवाई अपराधी के रूप में हो भले ही उसकी उम्र कुछ भी हो। यह दुर्लभतम मामला है और इस बर्बर अपराध ने पूरे देश को हिला दिया। अभियुक्तों को उचित सजा मिलनी चाहिए। हम पीड़ित के परिवार की राय से सहमत हैं कि सभी छह आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।’’ फैशन डिजायनर रितू बेरी ने जोर दिया कि पुरूषों को महिलाओं के प्रति अपना नजरिया बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बलात्कार देश में सबसे तेजी से बढ़ रहा अपराध है। एसोचैम की महिला शाखा ने महिलाओं की सुरक्षा पर एक सर्वे रिपोर्ट भी जारी किया। (भाषा)
|