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भाजपा ने येदियुरप्पा समर्थक विधायकों को अयोग्य करार देने की मांग की PDF Print E-mail
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Monday, 28 January 2013 15:44

बेंगलूर। सत्तारूढ़ भाजपा ने आज पार्टी के पूर्व ताकतवर नेता बी एस येदियुरप्पा के समर्थक 12 विधायकों को ‘पार्टी विरोधी’ गतिविधियों के लिए अयोग्य करार देने की मांग की।
विधानसभा के सचिव पी ओमप्रकाश को आज एक याचिका सौंपी गयी जिसमें भाजपा की ओर से उसके दो विधायक बेलुरू गोपालकृष्ण और एम वी नगराजू ने हस्ताक्षर किए। विधानसभा अध्यक्ष के जी बोपैया उपस्थित नहीं थे।
गोपालकृष्ण ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने 12 विधायकों के पिछले दो-तीन महीनों में पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर याचिका दायर की और उन्हें अयोग्य करार देने का अनुरोध किया।’’
उन्होंने साथ ही कहा कि याचिका के साथ विधायकों की पार्टी विरोधी गतिविधियों से जुड़ी एक सीडी और दस्तावेज भी सौंपे गये हैं।
पिछले गुरूवार को कर्नाटक जनता पार्टी :केजेपी: के प्रमुख येदियुुरप्पा के समर्थक 13 भाजपा विधायक अपना इस्तीफा देने विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय गए लेकिन इस्तीफा नहीं दे सके क्योंकि बोपैया शहर से बाहर गए हुए थे।
इसके बाद यह विधायक राज्यपाल एच आर भारद्वाज के पास गए और उनसे हस्तेक्षप करने और विधानसभा अध्यक्ष उनके इस्तीफे स्वीकार कर ले यह सुनिश्चित करने की मांग की। इन 13 विधायकों ने बाद में बोपैया को ई-मेल से अपना इस्तीफा भी भेज दिया।
दो विधायक तिप्पेस्वामी और वित्तला कटकडोंडा : जो उन 13 विधायकों में शामिल थे जो गत गुरूवार कोे अपना इस्तीफा देना चाहते थे: का नाम विधानसभा अध्यक्ष के कार्र्यालय में दायर की गयी 12 विधायकों की सूची में शामिल नहीं है।


हालांकि सुनील वलायापुरे, जिनका नाम केजीपी ने अपने समर्थकों में शामिल किया था, का नाम इस सूची में शामिल है।
गोपालकृष्ण ने विधानसभा अध्यक्ष से त्यागपत्र की बजाए पहले उनकी याचिका पर विचार करने के लिए कहा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने याचिका पहले दायर की है, उन्होंने अब तक इस्तीफा नहीं दिया है :त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष तक नहीं पहुुंचा है: ।’’
गोपालकृष्ण के साथ वकील और भाजपा के एक और विधायक सर्वभौम बगली भी आए थे।
राज्यपाल ने शनिवार को कहा था कि राज्य में कोई संवैधानिक संकट नहीं है और जगदीश शेट्टार को बहुमत हासिल है।
खबरों के अनुसार केजीपी, भाजपा के और विधायकों को लुभाने की कोशिश में दिन रात एक किए हुए है ताकि सरकार अल्पमत में आ जाए।
दोनों पक्षों के बीच खींचतान का कारण बजट को माना जा रहा है जिसे आठ फरवरी को पेश किया जाना है। येदियुरप्पा, शेट्टार सरकार को बजट पेश करने से रोकना चाहते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे शेट्टार अपने लिए राजनीतिक आधार बनाने की कोशिश करेंगे और भाजपा चुनावी वर्ष में लोकलुभावन योजनाएं लेकर आ सकती है जिससे केजीपी की संभावनाएं प्रभावित होंगी।
225 सदस्यीय विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष को छोड़कर भाजपा की 117 सीटें हैं और साधारण बहुमत के लिए 113 सीटों की जरूरत होती है। कांग्रेस के विधायकों की संख्या 71 जबकि जद एस के विधायकों की संख्या 26 है। विधानसभा में सात निर्दलीय सदस्य हैं और दो सीट खाली पड़ी हैं। एक सदस्य नामित किया जाता है। (भाषा)

 
 

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