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Monday, 28 January 2013 13:23 |
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने 17 करोड़ रूपये के ताज कोरिडोर घोटाला मामले में बसपा प्रमुख मायावती के खिलाफ बिना राज्यपाल की अनुमति के मुकदमा चलाए जाने संबंधी याचिका पर आज जवाब तलब करते हुए नोटिस जारी किया।
न्यायाधीश एच एल दत्तू तथा न्यायाधीश रंजन गोगोई की खंडपीठ ने कहा, ‘‘ हम इस मामले का अध्ययन करेंगे ।’’ न्यायालय ने इसके साथ ही बसपा प्रमुख को राहत प्रदान करने वाले इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए दायर की गयी याचिका पर केंद्र , सीबीआई तथा उत्तर प्रदेश सरकार को भी नोटिस जारी किए। पीठ ने मायावती के पूर्व कैबिनेट सहयोगी नसीमुद्दीन सिद्दीकी को भी नोटिस जारी कर उनसे इस मामले में जवाब मांगा । पीठ पांच नवंबर 2012 के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर की गयी कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाओं में कहा गया है कि इन लोगों के खिलाफ राज्यपाल की अनुमति के बिना मुकदमा
चलाया जा सकता है । वरिष्ठ अधिवक्ता के के वेणुगोपाल ने कहा कि यह चौथी बार है जब इस प्रकार का विवाद खड़ा हुआ है । उच्च न्यायालय ने ताज कोरिडोर मामले में बसपा सुप्रीमो के खिलाफ मुकदमा चलाए जाने की मांग करते हुए दायर की गयी कई याचिकाओं को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि उनमें कोई दम नहीं है । उच्च न्यायालय की लखनउच्च् पीठ ने जून 2007 को इस संबंध में विशेष सीबीआई अदालत के आदेश को बरकरार रखा था जिसमें इन लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए राज्यपाल टी वी राजेश्वर की अनुमति नहीं होने के कारण मायावती और सिद्दीकी के विरूद्ध आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया गया था । गौरतलब है कि वर्ष 2002 में मायावती ने ताज महल के समीप के इलाकों के सौंदर्यीकरण के लिए कोरिडोर परियोजना शुरू की थी। एक साल बाद उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई को ताज कोरिडोर परियोजना में कथित घोटाले की जांच करने का निर्देश दिया था। (भाषा)
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Last Updated on Monday, 28 January 2013 13:28 |