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विरोध की छाया के बीच जयपुर में साहित्य का महाकुंभ शुरू PDF Print E-mail
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Friday, 25 January 2013 10:14

जयपुर। जयपुर साहित्य उत्सव गुरुवार से यहां शुरू हो गया। उत्सव पांच दिन तक चलेगा और इसमें जाने-माने साहित्यकारों के साथ कई विधाओं के महारथी हिस्सा लेंगे। उत्सव का उद्घाटन राज्यपाल मारग्रेट अल्वा और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दीप जलाकर किया।
उद्घाटन समारोह में महाश्वेता देवी, उत्सव के आयोजक संजय राय, नमिता गोखले सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार-लेखक मौजूद थे। उत्सव में 174 सत्रों में करीब 280 से ज्यादा साहित्यकार, लेखक, अदाकार, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न विधाओं के महारथी अपने अनुभव बांटेंगे और विचारों की अभिव्यक्ति देंगे। उत्सव के पहले दिन ही बड़ी तादाद में लोग मौजूद थे।
राज्यपाल अल्वा ने समारोह में अभिव्यक्ति की आजादी की हिमायत की। उन्होंने कहा कि बोलने की आजादी और लोगों की भावनाओं को चोट नहीं पहुंचे, इसके बीच पतली रेखा है। हिंसा के प्रति चेताते हुए राज्यपाल ने कहा कि पूरी दुनिया में असहनशीलता और सांप्रदायिक हिंसा बढ़ती जा रही है। यह खत्म


होनी चाहिए। उत्सव में पाक लेखकों के भाग लेने को लेकर हो रहे विरोध को मुख्यमंत्री गहलोत ने सही नहीं ठहराया। उत्सव के उद्घाटन के बाद गहलोत ने कहा कि सीमा पर जो कुछ हुआ वह अमानवीय था। पर इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया जाना ठीक नहीं है। ऐसे में लेखक और कलाकारों की भूमिका अहम होती है।
उत्सव के आयोजक संजय राय ने समारोह में सहयोग के लिए राजस्थान सरकार की तारीफ की। उन्होंने सहयोग के लिए मुख्यमंत्री गहलोत का आभार जताया। राय ने कहा कि  हम किसी तरह के विरोध प्रदर्शन से नहीं डरेंगे। प्रदर्शन हमें कार्यक्रमों से नहीं रोक सकते।
पिछली बार विवादित लेखक सलमान रश्दी को बुलाने पर बहुत विवाद हो गया था। इस बार भी पाक लेखकों को बुलाने पर हिंदू संगठनों ने और रश्दी की विवादित पुस्तक के अंश पढ़ने वाले लेखकों को बुलाने पर मुसलिम संगठनों ने विरोध की चेतावनी आयोजकों को दे रखी है।

 
 

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