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Thursday, 24 January 2013 16:51 |
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बलिया (भाषा) पूरे देश को झकझोरने वाले दिल्ली सामूहिक बलात्कार कांड की शिकार हुई लड़की अपनी जिंदगी के आखिरी तालीमी इम्तेहान में प्रथम श्रेणी में पास हुई है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार गढ़वाल विश्वविद्यालय से फिजियोथेरेपी की परीक्षा के आज घोषित परिणाम में दिल्ली सामूहिक बलात्कार कांड की शिकार हुई लड़की को 73 प्रतिशत अंक मिले हैं। उसे फिजियोथेरेपी के कुल छह पर्चों के पूर्णांक 1100 में से 800 अंक प्राप्त हुए हैं। परिजन के तमाम त्याग और अरमानों के बोझ तले डाक्टर बनने का सपना पाल रही उस लड़की के दादा ने ‘भाषा’ से बातचीत में अपनी पौत्री के परीक्षा परिणाम पर खुशी जाहिर की लेकिन अगले ही पल उनका गला भर आया और कहा कि उनकी पोती अगर जिंदा होती तो यह नतीजा उसके लिये कितना सुखद होता, इसकी कल्पना ही की जा
सकती है। उन्होंने कहा कि उनकी पौत्री बहुत मेधावी थी और परीक्षा परिणाम से यह साबित भी हुआ है। वह विज्ञान पढ़ना चाहती थी लेकिन आर्थिक तंगी के कारण जब उसके पिता ने उसे वाणिज्य पढ़ने को कहा तो वह फूट-फूटकर रोई थी। उसकी जिद के कारण उसे विज्ञान की पढ़ाई कराने के लिये उसके ननिहाल से मिली जमीन भी बेच दी गयी थी। लड़की के भाई ने भी ‘भाषा’ से टेलीफोन पर बातचीत में अपनी बहन के परीक्षा परिणाम पर खुशी जाहिर की और कहा कि वह डाक्टर बनना चाहती थी और लगन से पढ़ाई कर रही थी। लेकिन गत 16 दिसम्बर को दिल्ली में एक चलती बस में सामूहिक बलात्कार के बाद सिंगापुर में जिंदगी की जंग हारने के साथ ही वक्त के जालिम हाथों ने उसकी उम्मीदें तोड़ डालीं।
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Last Updated on Thursday, 24 January 2013 19:23 |