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हेडली प्रत्यर्पण की मांग पर कायम रहेगा भारत PDF Print E-mail
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Thursday, 24 January 2013 16:20

नयी दिल्ली (भाषा) भारत लश्कर ए तय्यबा के आतंकवादी डेविड हेडली के प्रत्यर्पण की मांग पर कायम रहेगा और उसे उम्मीद है कि हेडली के साथी तहव्वुर हुसैन राणा से वह पूछताछ कर सकेगा। भारत ने हेडली की पत्नी शाजिया गिलानी, उसकी गर्लफ्रेंड पोर्शिया पीटर और एक अन्य महिला मित्र से भी पूछताछ की अनुमति मांगी है, जिस पर अमेरिका को अभी फैसला करना है ।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका द्वारा हेडली के प्रत्यर्पण से इंकार से विचलित हुए बिना भारत इस 52 वर्षीय आतंकी के प्रत्यर्पण की मांग जारी रखेगा । हेडली मुंबई में 2008 के आतंकवादी हमले की साजिश रचने वालों में एक है ।
अमेरिकी एटार्नी गैरी एस शापिरो ने मंगलवार को एक अमेरिकी अदालत में हेडली के प्रत्यर्पण की संभावना से इंकार किया था ।
भारत को हालांकि उम्मीद है कि उसे हेडली के मित्र राणा से पूछताछ की अनुमति मिल जाएगी । राणा ने ही आतंकी हमले में हेडली को सहयोग किया था । राणा से ‘ एक्सेस ’ मिलने के संकेत अमेरिका की ओर से मिले हैं ।
अधिकारियों ने बताया कि हमें आश्वासन मिला है कि राणा से बात करने


दी जाएगी और उम्मीद है कि उससे जल्द पूछताछ की जाएगी । इस संबंध में अमेरिका को औपचारिक आग्रह पत्र भेज दिया गया है ।
शाजिया, पोर्शिया और हेडली की एक अन्य महिला मित्र से पूछताछ की अनुमति देने के बारे में अमेरिका ने सूचित किया है कि संबद्ध व्यक्तियों की अनुमति के बिना ऐसा संभव नहीं है क्योंकि अमेरिकी कानून के तहत किसी से जबरन पूछताछ नहीं की जा सकती है । अधिकारियों ने कहा कि हम अमेरिकी मंजूरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं ।
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने पिछले महीने अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को पत्र लिखकर हेडली और राणा के प्रत्यर्पण का आग्रह किया था ।
शिकागो की एक अदालत ने 17 जनवरी को राणा को 14 साल जेल की सजा सुनायी । यह सजा डेनमार्क के एक अखबार के दफ्तर पर हमले की साजिश रचने और पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर की मदद के लिए दी गयी है । उसे मुंबई आतंकी हमले के सिलसिले में दोषी नहीं पाया गया है ।
मुंबई हमले में 166 लोगों की जान गयी थी । उसे आज रात शिकागो की एक अदालत द्वारा सजा सुनायी जानी है ।

 
 

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