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Thursday, 08 November 2012 16:10 |
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नई दिल्ली। मंत्रिमंडल ने आज भारती एयरटेल और वोडाफोन जैसी दूरसंचार सेवाएं प्रदान कर रही कंपनियों के स्पेक्ट्रम पर 31,000 करोड़ रुपए का एक-मुश्त शुल्क लगाने को मंजूरी दे दी ताकि नए और पुराने परिचालकों को समान अवसर मुहैया कराए जा सकें।
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि मंत्रिमंडल ने अधिकार प्राप्त मंत्रिसमूह के उस सुझाव को मंजूरी दे दी जिसमें जीएसएम कंपनियों से 4.4 मेगाहटर््ज से अधिक स्पेक्ट्रम पर नीलामी में तय कीमत के अनुसार भुगतान का प्रावधान किया गया है जबकि सीडीएमए कंपनियों द्वारा 2.5 मेगाहर्ट्ज से अधिक के स्पेक्ट्रम के संबंध में अपने लाइसेंस की शेष अवधि के लिए भुगतान को कहा गया है। जिन जीएसएम कंपनियों के पास जुलाई 2008 से 6.2 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम हैं उन्हें पिछली तारीख से शुल्क अदा करना होगा। चिदंबरम ने कहा कि 12 नवंबर से शुरू होने वाली नीलामी में स्पेक्ट्रम की जो कीमत सामने आएगी वह परिचालन कर रही जीएसएम कंपनियों के एक-मुश्त शुल्क पर लागू होगी। इधर, सीडीएमए कंपनियों के लिए दूरसंचार विभाग स्पेक्ट्रम की कीमत का पैमाना तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है कि अब तक सीडीएमए स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए कोई बोलीकर्ता सामने नहीं आया है इसलिए इसमें दाम नीलामी द्वारा तय नहीं
होगा। उन्होंने कहा ‘‘सीडीएमएम के लिए भी इसी तरह :नीलामी के जरिए तय: सुझाव थे लेकिन अधिकार प्राप्त मंत्रिसमूह की बैठक के बाद जिन बोलीकर्ताओं ने सीडीएमए नीलामी में रुचि दिखाई थी उन्होंने नीलामी से हाथ खींच लिया।’’ चिंदबरम ने कहा ‘‘दूरसंचार विभाग से सीडीएमए से जुड़े फैसले लागू करने के लिए मंत्रिमंडल को नोट भेजने के लिए कहा गया है।’’ सरकार ने पहले जीसीएम और सीडीएमए मोबाइल फोन सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों के लिए अलग-अलग नीलामी की योजना बनाई थी और इससे करीब 40,000 करोड़ रुपए प्राप्त होने की उम्मीद थी। सरकार ने पांच मेगाहटर््ज के अखिल-भारतीय जीएसएम स्पेक्ट्रम के लिए 14,000 करोड़ रुपए का आधार मूल्य तय किया था जो 2008 में दूरसंचार लाइसेंस के लिए कंपनियों द्वारा भुगतान की गई राशि का सात गुना है। सीडीएमए के लिए आधार मूल्य जीएसएम स्पेक्ट्रम का 1.3 गुना अधिक तय किया था। हालांकि, नीलामी से टाटा टेलीसर्विसेज और वीडियोकॉन टेलीकम्यूनिकेशंस के हाथ खींचने के बाद सीडीएमए की नीलामी में किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई। चिदंबरम ने कहा कि यदि जीएसएम लाइसेंसधारक एक-मुश्त शुल्क अदा नहीं करना चाहते तो उन्हें 4.4 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम लौटाने का विकल्प दिया जाएगा। साथ ही 9.75 फीसद ब्याज पर मासिक किस्त में भी भुगतान की सुविधा होगी।
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Last Updated on Thursday, 08 November 2012 16:12 |