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Friday, 09 November 2012 11:40 |
वाशिंगटन (एजेंसी) अमेरिका ने ईरान पर नकेल कसने के प्रयास के तहत वहां कथित मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े 17 व्यक्तियों और कम्पनियों को निशाना बनाते हुए कई नये प्रतिबंधों का ऐलान किया है।
राष्ट्रपति चुनाव के बाद ओबामा प्रशासन द्वारा ईरान के खिलाफ इस कार्रवाई के बारे में आतंकवाद और वित्तीय खुफिया मामलों के उप मंत्री डेविड कोहन ने कल बताया कि ये प्रतिबंध ईरानी शासन का अपने लोगों को सूचना और खुलकर बोलने से वंचित रखने के लगातार प्रयास को रोकने की हमारी प्रतिबद्वता को दर्शाते हैं । पहले तरह के प्रतिबंधों में ईरान की कई समूहोें ्र सरकारी प्रतिष्ठानों सहित सहित पांच कंपनियों और सरकारी अधिकारियों सहित चार लोगों को लक्ष्य बनाया गया है जो मानवाधिकार के गंभीर उल्लंघन के लिये जिम्मेदार हैं ्र खासकर वे जो ईरानी लोगों को सूचना एवं अभिव्यक्ति से और उन्हें एकत्रित होने के अधिकार से वंचित रखते हैं। वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक कांफे्रस काल के दौरान संवाददाताओं को बताया कि साथ ही ओबामा प्रशासन ईरान में इंटरनेट के संवर्द्वन से संबंधित एक रिपोर्ट कांग्रेस को मुहैया करा रहा है । ताजा अमेरिकी कार्रवाई के साथ साथ ईरानी वित्तीय प्रतिबंध
विनियमन ्र 31 सीएफआर पार्ट 561 ्र में संशोधन किया गया है ्र जो ईरानी सरकार के खिलाफ वित्तीय प्रतिबंधों को मजबूत करता है और थे्रट रिडक्सन एण्ड सीरिया ह्यूमन राइट्स एक्ट आफ 2012 :टीआरए: में निर्धारित कई जरूरतों को पूरा करता है । टीआरए ने 10 अगस्त 2012 को राष्ट्रपति के दस्तखत के बाद कानून का रूप ले लिया है । ओबामा प्रशासन ने नेशनल ईरानियन आयल कम्पनी :एनआईओसी : को इंगित किया है जिसके बारे में अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वह इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स :आईआरजीसी: की एजेंट अथवा उससे जुड़ी है । अमेरिका ने अन्य आईआरजीसी कम्पनियों का तथा दो अकादमिक संस्थाओं का भी नाम लिया है जो आईआरजीसी कमांडरों से नियंत्रित हैं और आईआरजीसी के लिये प्रौद्यागिकी और अन्य तरह के समर्थन के लिये केन्द्र की तरह काम करते हैं । अधिकारी ने कहा ्र ‘‘लक्षित कार्रवाई के ये तीन तरीके है । ’’ इसके अलावा वित्त विभाग द्वारा ईरान पर लगाये गये प्रतिबंधों के उन विनियमनों को और कडा किया गया है। इस कदम से उन विदेशी कम्पनियों कोे उजागर किया गया है जो उन ईरान कम्पनियों के साथ कारोबार करते हैं जिनके खिलाफ अमेरिका ने प्रतिबंध लगाये हैं ।
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