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Thursday, 08 November 2012 12:20 |
वाशिंगटन। कांग्रेसी चुनावों में कैलीफोर्निया से डेमोक्रेटिक प्रत्याशी भारतीय मूल के अमेरिकी चिकित्सक डॉक्टर अमी बेरा फिलहाल अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंदी से महज 184 वोटों से आगे हैं और अब उनका राजनीतिक भाग्य अनुपस्थित मतदाताओं और अस्थायी मतों की संख्या पर निर्भर है। इन मतों की गणना में कुछ दिन या सप्ताहों का समय लग सकता है।
रिपब्लिकन समर्थक डैन लंग्रेन ने इस चुनाव में 184 वोटों से आगे चल रहे डॉक्टर बेरा के आगे हार मानने से इंकार कर दिया है। इन वोटों की गणना कैलिफोर्निया में कल रात पूरी हो गई थी। रिपब्लिकन प्रत्याशी के इस इंकार की वजह से अब अनुपस्थित और अस्थायी मतों की गणना जरूरी हो गई है। इन मतों की संख्या लगभग 75 हजार के करीब रहने का अनुमान है। सामान्य मतों की गणना से अलग अनुपस्थित और अस्थायी मतों की गणना में काफी वक्त लगता है क्योंकि हर हस्ताक्षर को मिलाना पड़ता है और उसे खुद जांचना होता है। डॉ. बेरा ने कल एक बयान में कहा, ‘‘हालांकि हमें इस दौड़ के अंतिम नतीजे नहीं पता हैं लेकिन अगले कुछ दिनों
में आने वाले नतीजों को लेकर हम आश्वस्त हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब हमारी प्राथमिकता यह है कि हर वोट ईमानदारी से गिना जाए।’’ लंग्रेन का चुनाव अभियान भी नतीजों के प्रति आशावान ही रहा। इस अभियान के प्रबंधक जेफ वायले ने कहा, ‘‘अभी दसियों हजार अनुपस्थित और अस्थायी वोटों की गणना बाकी है और हम अगले कुछ हफ्तों तक इस दौड़ का नतीजा नहीं जान सकते। हम आशावान रहते हुए अंतिम गणना पर करीबी नजर बनाए रखेंगे।’’ सेक्रमेंटो बी अखबार के अनुसार, प्रांत के चुनाव अधिकारियों ने अब तक सभी अनुपस्थित और अस्थायी मतों का मिलान नहीं किया है। लेकिन प्रवक्ता एलिस जारबो ने कहा है कि यह संख्या रिकॉर्ड तोड़ने वाली होगी। लंग्रेन को धन उगाही के मामले में घेरने वाले बेरा को पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने कांग्रेसी चुनावों में समर्थन दिया था। उन्हें सेक्रमेंटो बी अखबार का समर्थन प्राप्त था। अगर डॉ बेरा जीत जाते हैं तो वे प्रतिनिधि सभा में जाने वाले तीसरे भारतीय-अमेरिकी होंगे। इनसे पहले 1950 में दलीप सिंह सौंद, 2005 और 2008 में बॉबी जिंदल इसके सदस्य रह चुके हैं।
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