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Friday, 09 November 2012 15:51 |
नयी दिल्ली (एजेंसी) मानवाधिकार कार्यकर्ता मलाला युसुफजई पर हमले पर गहरा खेद व्यक्त करते हुए पाकिस्तान के शिक्षा एवं प्रशिक्षण मंत्री सरदार शाहजहान युसुफ ने लड़कियों के उत्थान के लिए काम करने वाली इस नन्ही सामाजिक कार्यकर्ता को ‘साहस’ और ‘विश्वास’ का प्रतीक बताया और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
पाकिस्तान के सुदूर क्षेत्र में बालिका शिक्षा के लिए अभियान चलाने वाली 15 साल की मलाला को तालिबान के आतंकियों ने सिर में गोली मार दी थी और उनका अभी ब्रिटेन के बमि’घम में उपचार हो रहा है। युसुफ ने कहा, ‘‘ मलाला ने ऐसे इलाके में अंधेरे में उजाला फैलाने का अभियान चलाया जहां स्कूल बंद कर दिये गए थे... इस बच्ची ने शिक्षा के लिए संघर्ष किया। वह घर से बाहर निकली । उन्होंंने हमारे मुल्क और दुनिया की लड़कियों के समक्ष साहस का प्रदर्शन किया। वह साहस और विश्वास की प्रतीक है।’’ ई 9 शिक्षा सम्मेलन से इतर संवाददाताओं से बातचीत में युसुुफ ने कहा कि उनके देश पाकिस्तान के समक्ष आतंकवाद सबसे बड़ी चुनौती है। ‘‘ यह घटना :मलाला पर हमला: दुर्भाग्यपूर्ण है और हम इसकी निंदा करते हैं। हम आतंकवाद से संघर्ष कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि जब हम ई 9 की प्रतिबद्धता के तहत
सभी को शिक्षा के लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं, ऐसे में पाकिस्तान में अच्छे स्कूलों और दक्ष शिक्षकों की जरूरत है लेकिन ‘‘ आतंकवाद की वजह से हमारे देश के बजट का एक बड़ा हिस्स रक्षा पर खर्च हो रहा है।’’ पाकिस्तान के शिक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘ मलाला के स्वास्थ में सुधार हो रहा है और वह जल्द अपने देश लौट आयेगी।’’ गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन :यूनेस्को: के सहयोग से भारत समावेशी, समसामयिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर नौवीं मंत्रिस्तरीय समीक्षा बैठक की मेजबानी कर रहा है। ई 9 देश अगले दो वर्षो में अपने अपने देश के भीतर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कार्ययोजना बनाकर उस पर अमल करेंगे। बैठक का शुभारंभ मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री शशि थरूर ने किया और इस बैठक में पाकिस्तान, भारत, चीन :उप मंत्री: और नाइजीरिया के मंत्री हिस्सा ले रहे हैं । भारत इस समूह की अध्यक्षता 2012..14 तक करेगा। ई 9 में दुनिया की बड़ी आबादी वाले नौ देश सदस्य हैं जहां दुनिया की करीब 60 प्रतिशत आबादी रहती है, इसमें बड़ी संख्या महिलाओं और लड़कियों की है। इसके तहत 2015 तक सभी को शिक्षा उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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