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मौलवी कादरी के ऐलान से घबराए स्‍नैपचाट के सीईओ, भारत को गरीब कहने के ल‍िए मांगी माफी

नो सीरियस न्‍यूज: इस खबर का सच से कोई लेना-देना नहीं है। इसे बस मजे लेने के लिए पढ़ें।
Author April 21, 2017 13:57 pm
स्नैपचैट के सीईओ इवान स्पीगेल (Image source: AP)

कौन कहता है कमान से निकला हुआ तीर और मुंह से निकली हुई बात वापस नहीं ली जा सकती। मुंह से निकले हुए एक-एक शब्द को वापस लिया जा सकता है। जी हां ये कारनामा किया है भारत को गरीब देश बताने वाले स्नैपचैट के सीईओ इवान स्पीगल ने। उन्‍होंने कथित तौर पर कहा था क‍ि स्‍नैपचैट भारत जैसे गरीब देशों के ल‍िए नहीं है। हिंदुस्तान को गरीब देश बताने के कुछ ही देर बाद इवान ने टीवी पर खबर देखी क‍ि एक मौलवी ने ऐलान क‍िया है क‍ि जो सोनू न‍िगम का स‍िर मूंडेगा, उसे दस लाख रुपए द‍िए जाएंगे। यह खबर देखते ही सीईओ को झटका लगा और वह बेहोश होते-होते बचे। उन्‍हें तुरंत अहसास हुआ क‍ि उन्‍होंने गलत बयान दे द‍िया है। जि‍स मुल्‍क में एक हजामत के ल‍िए कोई दस लाख रुपए देने की बात करता हो, वह देश कैसे गरीब हो सकता है। वह बेचैन हो गए। बेचैनी में ही उन्होंने तुरंत हाथ जोड़कर खुद से माफी मांगी और फैसला क‍िया क‍ि वह अपना बयान वापस लेंगे।

हमारे विशेष सूत्रों ने हमें बताया कि इवान स्पीगल की सेक्रेटरी ने जब उनकी बेचैनी देखी तो वह घबरा गईं। उन्‍होंने इसका कारण समझ में नहीं आया। उन्‍होंने तुरंत निर्मल बाबा से इमाम की मुलाकात फ‍िक्‍स करा दी। बाबा से इवान ने पूछा- मैं भी इतना अमीर बनना चाहता हूं कि एक हजामत के कम से कम लाख रुपए तो दे सकूं। यह कैसे संभव होगा? बाबा ने आंखें बंद कर कहा- क्‍या तुमने कभी क‍िसी मुल्‍क को गरीब कहा है? छूटते ही इवान ने कहा- मैं दोबारा यह गलती नहीं करूंगा। मुझे भी अमीर बनने के उपाय बता दो। बाबा ने कहा- पहले अपने शब्द वापस लो। कृपा यहीं रुकी हुई है। अगर तुम्हारे अंदर कोई बात कह कर शब्द वापस लेने यानी मुकरने की क्षमता व‍िकस‍ित हो गई तो तुम ज‍ितना चाहो, उतना अमीर बन सकते हो। इवान ने तुरंत अपने एक-एक शब्‍द वापस ले ल‍िए। बाबा ने समझाया- तुम अब एक हजामत के 20 लाख देने का भी ऐलान कर सकते हो। असल में ऐलान करने के बाद शब्‍द वापस लेने की कला आनी चाहिए।

उधर, इवान के बयान को हिंदुस्तान के क्रांतिकारी नेता कुमार विश्वास ने देश की अस्मिता पर सवाल बताया। उन्‍होंने कहा कि जिस देश में सरकारी जश्‍न में एक-एक आदमी को 16 हजार की थाली ख‍िलाई जाए, जहां का प्रधानमंत्री 15 लाख का सूट पहने, उसे गरीब बताने की ह‍िमाकत कोई मानसिक रूप से दि‍वाल‍िया शख्‍स ही कर सकता है। कुमार ने कहा कि भारत को गरीब देश बताने वाले इवान भूल गए कि जितना उनकी कंपनी का टर्नओवर है उससे ज्यादा हमारे देश में सुलभ शौचालय में खर्च हो जाते हैं।

लेक‍िन, कुमार व‍िश्‍वास से उलट, अरव‍िंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर न‍िशाना साधा। उन्‍होंने कहा- देखो जी, अब व‍िदेशी लोगों को भी पता चल गया है क‍ि भारत गरीब है, पर हमारे प्रधानमंत्री नहीं मानते क‍ि देश की इकॉनमी बेहद खस्ता हालात में है। स्नैपचैट वाले ने देश को गरीब बता दिया। अब और क्या सबूत चाह‍िए? अब तो नरेंद्र मोदी जी को अरुण जेटली पर कार्रवाई करनी चाहिए।

इसी बीच, इवान ने टीवी पर सोनू न‍िगम को यह कहते देखा क‍ि मैंने मुंडन करा लि‍या, अब वादे के मुताबिक मौलवी 10 लाख रुपए दें। उधर, मौलवी कह रहे थे क‍ि अभी सोनू न‍िगम जूतों की माला पहन कर देश में घूमें तब पैसे म‍िलेंगे। अब जाकर इवान को असलि‍यत समझ में आई और उन्‍हें न‍िर्मल बाबा की बात का मर्म भी समझ में आया।

(यह खबर आपको हंसने-हंसाने के लिए कोरी कल्‍पना के आधार पर लिखी गई है। इस खबर में कोई सच्चाई नहीं है। ऐसी अन्य खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें )

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